महाराष्ट्र में नासिक के टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीपीओ में हिंदू महिलाओं के यौन शोषण और जबरन कन्वर्जन के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में आरोपी निदा खान के खिलाफ कई अहम सुराग मिले हैं, जिससे शक और गहरा गया है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) रिपोर्ट से पता चला है कि इस मामले में केस दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर उसने मुंब्रा, नासिक और भिवंडी में संपर्क किया था। पुलिस अब इन संपर्कों के जरिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसी बीच निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले की अगली सुनवाई 2 मई को होगी।
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सीडीआर रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से बताया गया, “सीडीआर रिपोर्ट में सामने आया है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद निदा खान ने मुंब्रा, नासिक और भिवंडी में कई जगहों पर संपर्क किया था। ये फोन कॉल्स निदा खान ने क्यों किए थे, इसकी पुलिस गहन जांच कर रही है। कहा जा रहा है कि इन कॉल्स के जरिए सबूत छिपाने या सहयोगियों को सतर्क करने की कोशिश की गई होगी।
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सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां
इस मामले में जांच तेज कर दी गई है। जांच एजेंसियां संदिग्ध ठिकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। साथ ही कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल सबूत भी जुटाए जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की विस्तृत और सटीक टाइमलाइन तैयार की जा सके।
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हिंदू लड़कियों को मुस्लिम बनने की ट्रेनिंग देती थी निदा खान
एसआईटी जांच में निदा खान पर आरोप है कि वह कंपनी में काम करने वाली हिंदू महिलाओं को अपने घर ले जाती थी और उन्हें वहां पर नमाज पढ़ना, हिजाब और बुर्का पहनना सिखाती थी। पुलिस के मुताबिक, कन्वर्जन से जुड़े दस्तावेज मालेगांव से भी जुड़े हैं। आरोपी ने पीड़िता का नाम बदलकर हानिया रखा था। जांच में पता चला है कि उसे वह उसे मलेशिया भेजने की योजना बना रही थी।
अग्रिम जमानत पर 2 मई को होगी सुनवाई
निदा खान के वकील राहुल कासलीवाल ने कहा कि महाराष्ट्र में धर्म बदलने पर कोई कानून नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पार्टी के आरोप किन धाराओं के तहत आते हैं, क्योंकि भारतीय न्याय संहिता में ऐसी कोई धारा नहीं है। एक ही कंपनी में एक जैसी घटनाओं के लिए नौ केस दर्ज करने की कोई जरूरत नहीं थी। एक ही केस फाइल करके मामले की जांच की जा सकती थी। वकील ने यह भी कहा कि कोर्ट 2 मई को निदा खान की अग्रिम जमानत पर अपना फैसला सुनाएगा। हालांकि कोर्ट ने आरोपी निदा खान को सुरक्षा नहीं दी है, इसलिए एसआईटी उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
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मोबाइल अहम सुराग
पुलिस के अनुसार, निदा खान ने पीड़िता को कन्वर्जन के उद्देश्य से बुर्का और इस्लाम से जुड़ी किताब दी थी, जिसे उन्होंने जब्त कर लिया है। आरोप है कि उसने पीड़िता के मोबाइल में इस्लामिक ऐप्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और रील्स के लिंक भेजे। आरोपी का फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
















