पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तान सेना और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के बीच कथित सांठगांठ का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। नीलम घाटी में पाकिस्तान सेना से जुड़े एक कार्यक्रम में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की शूरा के सदस्य बताए जा रहे मजहर सईद शाह के कथित तौर पर मंच से संबोधित करने की खबर सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यदि सामने आए दावे सही साबित होते हैं, तो यह घटना पाकिस्तान सेना और आतंकी नेटवर्क के बीच कथित संपर्क को लेकर चल रही बहस को और गहरा कर सकती है।
मजहर सईद शाह की कथित मौजूदगी ऐसे समय में सामने आई है, जब PoJK में स्थानीय लोगों के बीच राजनीतिक और सामाजिक असंतोष की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। पाकिस्तान सेना पर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि वह क्षेत्र में अपने प्रभाव को बनाए रखने के लिए विभिन्न गैर-राज्य समूहों का इस्तेमाल करती है जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों की गतिविधियां लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर रही हैं। ऐसे संगठनों से जुड़े किसी व्यक्ति का कथित तौर पर सेना से जुड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई देना इसलिए अहम माना जाता है, क्योंकि इससे सुरक्षा तंत्र और आतंकी नेटवर्क के बीच संभावित संपर्क को लेकर सवाल उठते हैं। PoJK में कई बार स्थानीय लोग अपनी मांगों को लेकर विरोध और प्रदर्शन करते रहे हैं। पाकिस्तान सेना लोगों के विरोध को दबाने और अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए कुछ प्रभावशाली लोगों या समूहों की मदद ले रही है।

















