महाराष्ट्र के नासिक से सामने आए (TCS Nashik Case) टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कन्वर्जन मामले में जबरन मतांतरण (Forceful Conversion) और यौन उत्पीड़न (Islamic Conversion Pattern) के खुलासे ने सभी को हिला दिया है।
हिंदू लड़कियों के मतान्तरण में कंपनी की कर्मचारी “Nida Khan” ऑफिस (Corporate Jihad) में हिंदू लड़कियों और लड़कों पर नमाज पढ़ने का दबाव डालती और उनसे हिंदू रीति-रिवाजों की जगह मुस्लिम रिवाजों को फॉलो करने के लिए कहती थी।
वह दफ्तर में महिलाओं को इस्लामी परंपरा के मुताबिक कपड़े पहनना सिखाती और हिंदू लड़कियों को बुर्का पहनने के लिए मजबूर करती। यहां वह उन आरोपी टीम लीडर्स के साथ खड़ी रहती, जिन कर्मचारियों पर जबरन मतांतरण और यौन उत्पीड़न के लिए दबाव बनाने का आरोप है।
दरअसल, यह परिदृष्य अकेला नासिक (महाराष्ट्र) का नहीं है! और न ही यह इस तरह का कोई पहला मामला है, हाल के वर्षों में सामने आए देश भर के इस्लामिक कन्वर्जन प्रकरणो में यह साफ हो गया है कि मुस्लिम महिलाएं भी कन्वर्जन (मजहबीकरण) में इस्लामिक पुरुषों का बराबरी से साथ निभाती हैं।
देश के अलग-अलग राज्यों से पिछले कुछ वर्षों में सामने आए प्रकरणों के अध्ययन से पता चला कि गैर मुस्लिम युवतियों ने अपने ही परिचितों कभी सहेलियों, कभी सहकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में धोखे से बुलाना, नशीला पदार्थ देना, यौन शोषण, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना और कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालना शामिल है।
2019 से 2026 के बीच सामने आए 21 बड़े मामलों की यह श्रृंखला एक ऐसे पैटर्न की ओर इशारा करती है, जिसमें यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग, मानसिक उत्पीड़न और दबाव जैसे आरोप बार-बार सामने आते हैं।
बरेली और गाजियाबाद : सहेलियों पर लगे आरोप
बरेली में फरवरी 2026 में एक छात्रा ने अपनी दो सहेलियों और मोहम्मद अनस पर आरोप लगाया कि उसे नशीला पदार्थ देकर घर ले जाया गया, जहाँ उसके साथ दुष्कर्म हुआ और वीडियो बनाया गया। गाजियाबाद के भोजपुर क्षेत्र में एक किशोरी ने आरोप लगाया कि पड़ोस की एक महिला ने उसे बहाने से बुलाकर अपने भाई आसिफ के साथ कमरे में बंद कर दिया, जहाँ दुष्कर्म किया गया और वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई।
कार्पोरेट जिहाद मामले में बड़ा खुलासा: नासिक टीसीएस की HR निदा खान के तार दिल्ली बम धमाके से जुड़े
कौशांबी, लखनऊ और हरदोई : दोस्ती से शुरू हुआ दबाव
कौशांबी में नेहा बानो के बारे में बताया गया कि उसने अपनी हिन्दू सहेली को घर बुलाकर अपने भाई सैफ खां और उसके साथियों अनुज अहमद, छोटू खां, अतीक अहमद और इसरार अहमद के साथ मिलकर दुष्कर्म के अपराध को अंजाम दिलाया। लखनऊ (2025) में शाकिबा और उसके साथी अली उर्फ मोहम्मी मेहरान पर आरोप लगा कि उन्होंने एक युवती को बुलाकर दुष्कर्म किया और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया। ऐसे ही हरदोई में रीना बानो और उसके भाई हैदर पर आरोप है कि उन्होंने सात महीनों तक एक हिन्दू छात्रा को धमकाकर शोषण किया।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में इस गिरोह के मास्टरमाइंड फरहान खान के अलावा अली, साहिल, साद, अबरार और नबील के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। मामले में आरोपियों के घरवालों का साथ कितना मिला था, यह पुलिस जांच में भी सामने आ चुका है। फरहान की बहन जोया और उसके पति के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। वे हिन्दू लड़कियों से बलात्कार करने, उकसाने, अपराध को छिपाने में अपने भाई एवं उसके दोस्तों का बराबर से साथ देती थी।
इंदौर, शाजापुर, छिंदवाड़ा : महिला सहयोग के आरोप
इंदौर में मोहम्मद शोएब सईद के मामले पर तो उसकी पत्नी पर भी अपराध दर्ज हुआ है, इन दोनों ने एक युवती को बहाने से होटल ले जाकर बंधक बनाया और दुष्कर्म किया, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। शाजापुर में तौसीफ और उसकी पत्नी किरण पर आरोप लगा कि उन्होंने एक युवती को बंधक बनाकर दानिश नामक व्यक्ति से दुष्कर्म करवाया। छिंदवाड़ा में शबाना, कादिर और साबिर ने दोस्ती के बहाने जाल बिछाया और बाद में दबाव बनाया, देहिक शोषण किया।
TCS Nasik से लेकर अमरावती के संगठित यौन शोषण तक: फेमिनिस्ट महिलाएं चुप क्यों ?
पीलीभीत और देहरादून : डिजिटल ब्लैकमेलिंग
पीलीभीत में चांद खां और उसकी पत्नी गुलशन आरा ने एक युवती को प्रेम जाल में फंसाकर दुष्कर्म किया और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया। देहरादून में मुबीना यूसुफ ने अपनी सहेली को आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर दबाव बनाया।
मेरठ, बिजनौर, अलवर : दबाव और धमकी
मेरठ में आरजू सलमानी पर आरोप लगा कि उसने अपनी सहेली पर दबाव बनाया और उसे विभिन्न स्थानों पर ले जाने की कोशिश की। बिजनौर में फरदीन, रिहान, सुल्तान और मोहम्मद आफताब पर अपहरण और दबाव के आरोप लगे। अलवर में सकीना और काजल पर आरोप लगा कि उन्होंने दो बहनों पर दोस्ती और संबंध बनाने का दबाव डाला।
पुरानी घटनाएं : 2019 से 2023 तक
यदि इन घटनाओं के पूर्व में घटित घटनाओ को देखें तो झारखंड (2019) में आलिया नेयाज, मोहम्मद नेयाजुद्दीन और जिशान मामले में सामने आया कि उन्होंने एक युवती को दोस्ती के जरिए जाल में फंसाया। अयोध्या (2022) में निसार हसीना पर आरोप लगा कि उसने पहचान छिपाकर शादी की और बाद में दबाव बनाया। कुशीनगर (2023) में कुरेशा अंसारी समेत कई आरोपियों पर अपहरण के आरोप लगे। भोपाल (2023) में अनम सैयद और हामिद पर एक छात्रा को बंधक बनाकर दबाव बनाने के आरोप लगे।
पैटर्न मिलता-जुलता है
इन 21 मामलों में कुछ समान तत्व उभरकर सामने आते हैं, वह यह हैं कि परिचितों के माध्यम से संपर्क और विश्वास बनाना। बहाने से बुलाना या अलग स्थान पर ले जाना। यौन शोषण के बाद वीडियो बनाना। ब्लैकमेलिंग और मानसिक दबाव और लंबे समय तक हिन्दू युवतियों का उत्पीड़न करते रहना, उन्हें धर्मपरिवर्तन (मजहबीकरण) के लिए तैयार करना। अब इन सभी मामलों में कहना यही है कि ये 2019 से 2026 तक सामने आए उक्त प्रकरण हिन्दू समाज एवं भारतीय लोकतंत्र के सामने की एक गंभीर चेतावनी हैं कि कैसे एक बहुसंख्यक समाज के खिलाफ इस्लामिक कन्वर्जन का खेल खेला जा रहा है!
















