उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे भरोसे में लेकर एक घर बुलाया गया, जहां कथित तौर पर पिस्टल दिखाकर उसका जबरन मतांतरण कराने की कोशिश की गई। महिला का यह भी आरोप है कि उस पर जबरन निकाह का दबाव बनाया गया और तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक दंपती को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले के अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
पिस्टल दिखाकर मतांतरण का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित महिला मझोला क्षेत्र की रहने वाली है और पिछले कई वर्षों से अपने पति से अलग रह रही है। करीब तीन साल पहले उसकी पहचान मेहनाम बेगम नाम की महिला से हुई थी। दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी। महिला का आरोप है कि इसी दोस्ती का फायदा उठाकर उसे एक साजिश के तहत घर बुलाया गया। महिला का कहना है कि 6 फरवरी 2026 को जब वह मेहनाम बेगम के घर पहुंची तो वहां उसका पति सुल्तान सलाउद्दीन, एक मौलवी और दो अन्य लोग पहले से मौजूद थे। आरोप है कि उसे वहां बंधक बना लिया गया और पिस्टल दिखाकर कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद उस पर सुल्तान सलाउद्दीन से निकाह करने का दबाव बनाया गया, लेकिन महिला के विरोध के कारण निकाह नहीं हो सका।
महिला ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की गई। किसी तरह वहां से निकलने के बाद उसने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। महिला का यह भी कहना है कि आरोपितों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के अनुसार, पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुल्तान सलाउद्दीन और उसकी पत्नी मेहनाम बेगम को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। वहीं, एक मौलवी और दो अन्य आरोपित अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस उस लाइसेंसी पिस्टल को भी जब्त करने की तैयारी में है, जिसके इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। साथ ही उसका लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

















