महाराष्ट्र के नासिक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) मामले में अजमेर के एक मौलाना का नाम सामने आया है। कंपनी में काम करने वाली एक और पीड़िता ने यह बड़ा खुलासा किया है। पीड़िता के अनुसार, टीसीएस में उस पर लगातार कन्वर्जन का दबाव बनाया गया। संतान प्राप्ति के नाम पर उसे अजमेर के मौलाना से मिलने को कहा गया।
दरअसल, पीड़िता पिछले 11 सालों से नासिक टीसीएस के बीपीओ में कार्यरत है। सात सालों से वह यहां बतौर टीम लीडर काम कर रही है। अभी वह ऑपरेशन्स डिपार्टमेंट में 27 कर्मचारियों को लीड करती है। कंपनी में सीनियर्स से उसकी अच्छी जान-पहचान होने के बावजूद उसे यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। पीड़िता ने बताया कि टीसीएस में कई सालों से अंधविश्वास फैलाने और हिंदू कर्मचारियों का जबरन कन्वर्जन कराने के लिए एक बड़ा रैकेट एक्टिव है। सीनियर्स से शिकायत करने के बावजूद उसकी बात को नजरअंदाज किया। यही कारण है कि आरोपी बिना किसी डर के लगातार उस पर कन्वर्जन का दवाब बना रहे थे।
अजमेर के मौलाना से मिल और बच्चा पैदा कर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि उसे न केवल प्रताड़ित किया गया, बल्कि आरोपी ने उस पर अजमेर के एक खास मौलाना से मिलने के लिए लगातार दबाव बनाया। पीड़िता को आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि मौलाना से मिलने पर उसे संतान की प्राप्ति होगी। पीड़िता की शिकायत के अनुसार उसका गर्भपात हो गया था। कुछ दिनों की छुट्टी के बाद वह फरवरी 2026 में कंपनी में फिर से काम करने के लिए आई। लंच के दौरान, आरोपी तौसीफ अत्तर उससे मिला। उसने उसे गर्भपात के बारे में बताया। इसको लेकर आरोपी ने उस अपमानजनक शब्द कहे और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। साथ ही, उसने कहा कि वह अजमेर के मौलाना से मिले और बच्चा पैदा करे। तौसीफ पर आरोप है कि उसने पहले भी महिला पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया था। वह मुस्लिम लड़कियों के साथ अच्छे से पेश आता था। लेकिन ऑफिस मीटिंग के दौरान वह हिंदू लड़कियों को जानबूझकर छूता था। यही नहीं लड़कियों की शादीशुदा जिंदगी में क्या चल रहा है, आरोपी इस पर भी ध्यान देता था और उन पर कमेंट करता था।
कंपनी ने समय रहते कोई एक्शन क्यों नहीं लिया?
पीड़िता का यह भी आरोप है कि इस बारे में शिकायत करने के बावजूद सीनियर्स ने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसलिए, इस मामले में कंपनी के सीनियर्स को भी आरोपी बनाने की मांग की जा रही है। साथ ही यह सवाल किया जा रहा है कि क्या इस कन्वर्जन और यौन शोषण में उनकी भी सहमति थी? कंपनी ने मुस्लिम कर्मचारियों पर समय रहते कोई एक्शन क्यों नहीं लिया?
केवल प्रताड़ना का मामला नहीं, गहरी साजिश
नासिक टीसीएस में जबरन कन्वर्जन और यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद से हिंदूवादी संगठनों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। आरोप है कि यह केवल प्रताड़ना का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश हो सकती है। पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया, तिलक लगाने पर उस पर टिप्पणी की, अश्लील बातें करने के साथ उसे बार-बार ईद और इफ्तार में शामिल होने के लिए मजबूर किया। ऐसे में अजमेर के मौलाना की एंट्री ने इस संदेह को पुख्ता कर दिया है कि मामले के तार अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े हो सकते हैं।
नासिक TCS केस अपडेट: हिंदू कर्मचारी को जबरन मुस्लिम टोपी पहनाकर पढ़वाई नमाज, वायरल किया वीडियो















