India Pakistan Partition Stories - पाञ्चजन्य

भारत विभाजन की गाथा की तरह यह पुस्तक भी क्रमिक ढंग से ही आकार लेती गई। भारत विभाजन की गाथा के कई आयाम हैं- असंख्य जीवन की हानि, भूगोल हानि, संस्कृति की हानि, जातिगत विनाश, राजनीतिक पक्ष और सबसे बढ़कर उसे ढांपने छिपाने और यहां तक की उचित ठहराने के प्रयास। त्रासदी बहुआयमी है और पीड़ा को देखने, समझने, बताने के भी अनेक आयाम हो सकते हैं। यह पुस्तक यथा शक्ति आयामों को देखती, परखती और इन्हें गूंथते हुए आगे बढ़ती है। पुस्तक में विभाजन की विभीषिका झेलने वाले परिवारों-बुजुर्गों के साक्षात्कार हैं। उनकी आपबीती है।

हितेश शंकर, वरिष्ठ पत्रकार, साप्ताहिक राष्ट्रीय पत्रिका 'पाञ्चजन्य' के संपादक