उत्तर प्रदेश

संभल हिंसा के मुख्य अभियुक्त वारिस के खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के संभल में शाही जामा मस्जिद के दूसरे सर्वे के दौरान हुई हिंसा में कैफ और नईम की हत्या के मुख्य आरोपी वारिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की गई। पढ़ें पूरा मामला, पुलिस कार्रवाई और शारिक साठा गैंग कनेक्शन।

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सुनील राय

उत्तर प्रदेश के जनपद संभल में शाही जामा मस्जिद के दूसरे सर्वे के दौरान हुई हिंसा के दौरान दो लोगों कैफ और नईम की हत्या के अभियुक्त वारिस के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की गई है।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि जनपद संभल के श्रीहरिहर मंदिर सर्वे के दौरान 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा हुई थी। हिंसा में शामिल सभी अभियुक्तों  की पहचान के बाद पुलिस ने बकायदे  पोस्टर छपवा कर सड़कों पर लगवाया था।  उपद्रवियों की  पहचान करने के लिए संभल पुलिस ने जामा मस्जिद की दीवार पर भी उपद्रवियों के  पोस्टर लगवाए थे।  पुलिस की तरफ से कुल 74 उपद्रवियों की पहचान की गई थी। संभल हिंसा में  पुलिस की तरफ से तत्कालीन क्षेत्राधिकार अनुज चौधरी गोली लगने से घायल हो गए थे। इसके अलावा 29 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

सर्वे वाले दिन किया था दंगा

उल्लेखनीय है कि  जनपद न्यायालय के आदेश पर 19 नवंबर 2024 को संभल की जामा मस्जिद में सर्वे किया गया था। आगे का सर्वे करने के लिए 24 नवंबर को सुबह सात बजे से लेकर ग्यारह बजे के बीच का समय तय हुआ था।  24 नवंबर के पहले ही मुसलमानों ने अपने घरों पर पत्थर एकत्र कर लिए थे। मुसलमान एकजुट होकर हिंसा पर उतारू थे। 24 नवंबर को सुबह 6 बजे ही तत्कालीन क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार चौधरी पुलिस फ़ोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। हिंसा की किसी भी आशंका  से अंजान हिन्दू पक्ष के लोगों ने मस्जिद में सर्वे की  कार्यवाही को आगे बढ़ाया। भीड़ ने घेर कर हमला किया।

हिंसक भीड़ की तरफ से गोली चलाई गई।  इस जबरदस्त हिंसा में क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार चौधरी के पैर में गोली लगी। कई पुलिस वालों को चोटें आईं। देखते ही देखते पूरे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया था। सर्वे टीम के लोगों ने भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई थी।  इस बीच पुलिस ने हमलावरों से मोर्चा लिया। इस घटना की सूचना तुरंत आला अधिकारियों को दी गई थी। घटना स्थल पर मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस उप महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक समेत  भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा।  इस हिंसा में चार युवकों  की मृत्यु हो गई थी।

वारिस पर राष्ट्रीय लगा सुरक्षा कानून

इस हिंसा के मुख्य अभियुक्त अब  वारिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई है। वारिस पर हिंसा भड़काने, हथियार उपलब्ध कराने और हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। वारिस फरार गैंगस्टर शारिक साठा का करीबी है।  इससे पहले अक्टूबर 2025 में मुल्ला अफरोज और उसके बाद गुलाम पर भी रासुका के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि  अफरोज, गुलाम और वारिस ये तीनों शारिक साठा के गुर्गे हैं।

पुलिस अधीक्षक संभल, कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है  कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत वारिस पर कार्रवाई की गई है। इससे पूर्व मुल्ला अफ़रोज़ और गुलाम पर भी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।  संभल हिंसा के अभियुक्त वारिस पर हिंसा के दौरान  फायरिंग और हत्या समेत गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत हैं।

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