यूक्रेन युद्ध के चलते लंबे वक्त से रूस से कन्नी काटकर चल रहे अमेरिका ने एक बार फिर से उससे नजदीकी बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी है। लेकिन, उसके दोहरे रवैये का पता इसी बात से चल जाता है कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल आयात करने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव पास किया है। अब उन्हीं ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दिसंबर में मियामी में होने वाली G20 बैठक में हिस्सा लेने का निमंत्रण दिया है।
यह 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद पहली बड़ी बैठक होगी जहां पुतिन मौजूद हो सकते हैं।
कैसे आया यह निमंत्रण
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र बैठक के दौरान यह बात बताई। उन्होंने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने राष्ट्रपति पुतिन को G20 में बुलाया है। हमें लगता है कि यह मौका है कि वह ट्रंप के साथ ही नहीं, दूसरे विश्व नेताओं से भी बात करें। हम उम्मीद करते हैं कि वह यह निमंत्रण स्वीकार करेंगे।”
यह बैठक ट्रंप नेशनल डोरल गोल्फ क्लब में होनी है। रूस अभी G20 का सदस्य है, लेकिन, पुतिन 2019 के बाद से किसी भी समिट में व्यक्तिगत रूप से नहीं गए हैं। 2023 में उन्होंने एक सत्र ऑनलाइन अटेंड किया था।
रुबियो का क्या कहना है
रुबियो ने बताया कि ट्रंप लगभग किसी से भी मिलने को तैयार हैं। उनका कहना था कि समस्याओं को सुलझाने के लिए उन लोगों से भी मिलना पड़ता है जिनसे मतभेद हो। ट्रंप पुतिन से अलग जगह पर भी एक-एक करके मिल सकते हैं, अगर कोई ठोस मकसद हो।
इसे भी पढ़ें: UNGA में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ का बेतुका बयान, बोले- ‘अगर हमने न रोका होता, तो न्यूयॉर्क-लंदन में घूमते आतंकी’
यूक्रेन और यूरोप की चिंता
क्रेमलिन ने अभी तक सार्वजनिक जवाब नहीं दिया है। इस निमंत्रण से यूक्रेन और यूरोपीय देशों में चिंता बढ़ने की संभावना है। यूरोपीय अधिकारी पहले भी रूस के वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव को अगस्त की आर्थिक बैठक में बुलाने से नाराज थे और उनसे फोटो खिंचवाने से भी इनकार कर दिया था।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने इस महीने पहले कहा था कि अगर पुतिन आएंगे तो वह भी समिट में जाएंगे और उनसे मिलेंगे। उन्होंने जर्मन चैनल से बात करते हुए कहा था, “हमें आना है, मिलना है, बात करनी है और फैसले लेने हैं। बातों से ज्यादा नतीजे मायने रखते हैं।”
युद्ध और बातचीत की कोशिश
ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच आंशिक युद्धविराम की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने की बात भी शामिल है। उनका कहना है कि डीजल की कीमतें पिछले साल से लगभग दोगुनी हो गई हैं। ट्रंप और जेलेंस्की ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र के साइड में मुलाकात की। जेलेंस्की ने ट्रंप और पुतिन के साथ तीन तरफ की बैठक का सुझाव दिया, लेकिन क्रेमलिन ने पहले भी जेलेंस्की से सीधी मुलाकात से इनकार किया है।
जेलेंस्की ने कहा, “हमने बात की कि युद्ध कैसे खत्म करें। यह हमारी प्राथमिकता है। हम तैयार हैं। आज रूस तैयार है या नहीं, पता नहीं, लेकिन ऊर्जा युद्धविराम पर चर्चा हुई।”
फिर भी रूस के द्वारा कीव और दूसरे शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले जारी हैं। हाल ही में कीव पर जेट पावर्ड शाहीद ड्रोन से दिन में भी हमले हुए, जिससे स्कूल और रोज़मर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई। एक पेट्रोल स्टेशन, गोदाम और बिजनेस सेंटर पर हमला हुआ, एक व्यक्ति की मौत और कई घायल हुए।

















