पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट की सैयद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पुलिस और मजहबी उपद्रवियों में मंगलवार को हिंसक झड़प हुई थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच में तेजी दिखाते हुए कुछ और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में मजहबी पत्थरबाज ही नहीं अब वो लोग भी शामिल हुए हैं जिन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी अफवाह फैलाई थी।
तुर्कमान गेट हिंसा में अब तक 11 गिरफ्तार
मंगलवार की रात हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक कुल 11 लोगों को हिरासत में लिया है। गुरुवार को पुलिस ने 6 मजहबी उन्मादियों (अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबेद) को गिरफ्तार किया, जो सभी तुर्कमान गेट के ही रहने वाले हैं।
इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने गिरफ्तार किए गए पांच लोगों को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। खबरों के मुताबिक, पांचों आरोपी – मोहम्मद आरिब, काशिफ, अदनान, मोहम्मद कैफ और समीर – को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पूजा सुहाग के सामने पेश किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक नाबालिग भी शामिल है।
10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने किए गलत दावे
पुलिस अधिकारियों को कहना है कि तुर्कमान गेट के पास अतिक्रमण विरोधी अभियान कोर्ट के आदेश के आधार पर चलाया गया था। उन्होंने जांच में पाया कि हिंसा अचानक नहीं भड़की, बल्कि सोशल मीडिया पर सोची-समझी साजिश के जरिए भीड़ को उकसाया गया। पुलिस ने 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की पहचान की है, जिन्होंने फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर गलत दावे किए थे।
इसके साथ ही एक महिला इन्फ्लुएंसर को पूछताछ के लिए समन भी भेजा गया है। आरोप है कि उसने एक वीडियो शेयर कर दावा किया था कि दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में ‘मस्जिद को ढहा दिया गया है’, जो शुरुआती जांच में पूरी तरह गलत पाया गया।
व्हाट्सएप पर फैलाई गई मस्जिद तोड़ने की अफवाह
दिल्ली पुलिस ने जांच में पाया कि व्हाट्सएप पर कई ऑडियो क्लिप्स उस दिन फैलाई गई, जिनमें दावा किया जा रहा था कि ‘सैयद फैज-ए-इलाही मस्जिद’ को तोड़ा जा रहा है। इन मैसेज के वायरल होने के बाद करीब 200 से ज्यादा लोग वहां इकट्ठा हो गए और पुलिस व निगम कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। बोतल और पत्थर फेंके जाने के कारण स्थानीय SHO सहित 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
जामा मस्जिद इलाके में भी चलेगा बुलडोजर.?
वहीं इस पूरे मसले पर बात करते हुए दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने कहा- “जल्द ही जामा मस्जिद के आसपास के इलाकों में एक विस्तृत सर्वे शुरू किया जाएगा ताकि वहां मौजूद अवैध अतिक्रमण की पहचान की जा सके। हमारे पास (संबंधित) डिपार्टमेंट, जेई और इंस्पेक्टर हैं जो रेगुलर इलाके का दौरा करते हैं। जल्द ही, हमें अतिक्रमण के बारे में पता चल जाएगा और सर्वे हो जाएगा।”
मेयर ने साफ कहा कि सर्वे पूरा होते ही वहां भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। मेयर ने यह भी बताया कि तुर्कमान गेट पर कार्रवाई के बाद फैला मलबा 2-3 दिनों में साफ कर दिया जाएगा।
बता दें कि तुर्कमान गेट पर कार्रवाई के मामले पर एमसीडी का कहना है कि आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 1940 में केवल 0.195 एकड़ जमीन ही मस्जिद के लिए लीज पर दी गई थी। इसके अतिरिक्त लगभग 39,000 वर्ग फुट जमीन, जिस पर बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर और डिस्पेंसरी बनी थी, वह पूरी तरह अवैध अतिक्रमण था।
















