देहरादून। देहरादून निवासी शिवांग रमोला ने भारत सरकार के ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2026’ में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर देवभूमि का गौरव बढ़ाया। राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से उनका चयन देशभर के लाखों प्रतिभागियों में से हुआ। इस कार्यक्रम के लिए विभिन्न राज्यों से 400 से अधिक युवाओं को चुना गया था।
किन्नौर के सीमावर्ती चुलिंग गांव में सात दिन बिताने का मिला अवसर
चयन के बाद शिवांग को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के सीमावर्ती चुलिंग गांव में सात दिनों तक रहने का अवसर मिला।
इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों के साथ रहकर उनके दैनिक जीवन, संस्कृति, परंपराओं और सीमांत क्षेत्रों की सामाजिक व आर्थिक परिस्थितियों को करीब से समझा।
स्वच्छता अभियान, पौधारोपण और सामुदायिक गतिविधियों में निभाई सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, ग्रामीणों के साथ संवाद और विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिभागियों से किया वर्चुअल संवाद
कार्यक्रम का समापन रविवार को हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रतिभागियों से सीधा वर्चुअल संवाद किया।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से सीमावर्ती गांवों के विकास, राष्ट्रीय एकता और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
शिवांग रमोला ने साझा किया अपना अनुभव
शिवांग रमोला भी इस विशेष संवाद का हिस्सा बने। उन्होंने बताया कि चुलिंग गांव में बिताए गए सात दिन उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में शामिल रहेंगे।
स्थानीय परिवार ने उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह अपनाया और गांव की संस्कृति, लोगों का स्नेह तथा देश के प्रति उनका समर्पण उन्हें बेहद प्रेरणादायक लगा।
उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय बनी उपलब्धि
देहरादून के इस युवा की उपलब्धि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।











