कुलगाम / श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने एक बार फिर धर्म देखकर निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की बर्बर और कायराना हरकत की है. ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले छत्तीसगढ़ के दो हिंदू प्रवासी मजदूरों पर आतंकियों ने बेहद करीब से गोलियां बरसा दीं. हादसे में पहले दीपक रात्रे (24) की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि अब इलाज के दौरान अस्पताल में दूसरे मजदूर भूपिंदर कुमार (28) ने भी दम तोड़ दिया है.
समाचार सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों ने इस वारदात को ठीक उसी तरह अंजाम दिया जैसे वर्ष 2025 में पहलगाम (Pahalgam) में हुए भयावह आतंकी हमले को अंजाम दिया गया था.
नाम पूछा, समूह से अलग किया और मार दी गोली: पहलगाम जैसी खौफनाक पटकथा
सूत्रों के अनुसार, हमले के वक्त मौके पर कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे. लेकिन आतंकियों ने गोली चलाने से पहले मजदूरों से उनके नाम और पहचान पूछी.
“आतंकियों ने मजदूरों के समूह में से नाम पूछकर दो हिंदू प्रवासी मजदूरों को अलग किया और फिर पॉइंट-ब्लैंक रेंज (बेहद करीब) से उन पर गोलियों की बौछार कर दी। यह सीधे तौर पर धर्म के आधार पर टारगेटेड किलिंग का मामला है।” – न्यूज़ सूत्र
गौरतलब है कि इससे पहले पहलगाम में भी इसी तरह धर्म के आधार पर पर्यटकों और आम नागरिकों को चुन-चुनकर करीब से गोली मारी गई थी, जिसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच अभूतपूर्व तनाव और युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए थे.
ताजा अपडेट: इलाज के दौरान भूपिंदर कुमार ने भी तोड़ा दम
वारदात के तुरंत बाद दोनों खून से लथपथ मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया गया था. अधिकारियों के अनुसार:
पीड़ितों का विवरण व स्थिति:
- दीपक रात्रे (उम्र 24 वर्ष): निवासी छत्तीसगढ़ — अस्पताल ले जाने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया था.
- भूपिंदर कुमार (उम्र 28 वर्ष): निवासी छत्तीसगढ़ — पहले जीएमसी अनंतनाग ले जाया गया, फिर नाजुक हालत को देखते हुए सौरा (श्रीनगर) के SKIMS अस्पताल रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई.
लश्कर-TRF का हाथ; आतंकी मोहम्मद लतीफ पर मुख्य संदेह
सुरक्षा बलों को इस वारदात में दो आतंकवादियों के शामिल होने की आशंका है, जिनमें से एक स्थानीय (Local) और दूसरा पाकिस्तानी/विदेशी आतंकी बताया जा रहा है. जांच में पहला मुख्य संदेही मोहम्मद लतीफ सामने आ रहा है, जो पिछले साल लश्कर-ए-तैयबा के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) में शामिल हुआ था.
उल्लेखनीय है कि कुलगाम में यह टारगेटेड किलिंग अनंतनाग शहर में एक पुलिस अधिकारी की आतंकी हत्या के 10 दिनों के भीतर हुई है. सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इलाके को घेरकर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है.











