पिछले दिनों जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी आंदोलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पूजनीय मां को गालियां दी गईं। समाज ने वह देखा, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। समाज में गहरा आक्रोश फैला। गाली देने वाले कई बच्चों ने माफी भी मांगी है। पीएम मोदी ने भी अभी कुछ देर पहले इंस्टाग्राम पर आकर बच्चों को संबोधित किया।
पीएम मोदी ने कहा कि जंतर मंतर पर जो कुछ भी हुआ देश दुनिया ने देखा, कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी भद्दी गालियां बोली। किसी भी सभ्य समाज को शोभा न दे, इस तरह के शब्दों का प्रयोग किया। मुझे तो गालियां दी गईं, मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियां दी गईं। न जाने कितना भद्दा स्वरूप था। लेकिन मैं आज बात करना चाह रहा हूं कि बचपन में गलतियां होती हैं और बचपन में सुधरने का मौका होता है, यही तो बचपना है और इसीलिए मैं समाज के अंदर जो आक्रोश है, उसे भलीभांति समझ सकता हूं। एक सांस्कृतिक धक्का है कि हमारी बेटियां इस तरह की भाषा कैसे बोल सकती हैं। लेकिन समय है, इन बच्चों को गले लगाकर राह दिखाने का। ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाना हमारा काम है। उनको सजा देना, अदालतों के चक्कर कटवाना, समाज में प्रताड़ित करना इससे हम परिस्थतियां नहीं बदल पाएंगे, मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं।
Abuses never solve anything.
Let’s guide the misguided.
Let’s work together.
Let’s work for Bharat. pic.twitter.com/yAePG60KYL
— Narendra Modi (@narendramodi) July 31, 2026
समाज भी मेरी बात स्वीकार करे
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि समाज भी मेरी बात को स्वीकार करे क्योंकि मेरे मन में एक ही भाव है कि कभी-कभी दांतों तले हमारी जीभ आ जाती है, खून निकल आता है, लेकिन हम दांत तोड़ते नहीं हैं क्योंकि दांत भी हमारे हैं और जीभ भी हमारी है। बच्चे भी हमारे हैं। उन्हें राह दिखाना हमारा काम है, गुमराह को राह दिखाना कठिन काम है, लेकिन यह काम हमें करना है। और इसलिए आओ, मैं इन बच्चों को कहता हूं कि बच्चो आओ, हम देश के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ें। कुछ नया सीखें, गलतियों से भी सीखें, अपने सपनों को लेकर चल पड़ें।
मैं आपके लिए जीता हूं, आपके लिए खपता हूं
प्रधानमंत्री ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि देश बहुत आगे बढ़ रहा है, आगे बढ़ने वाला है और आपका भी आगे बढ़ना निश्चित हो, यही मेरा सपना है। मैं आपके लिए जीता हूं, आपके उज्जवल भविष्य के लिए खपता हूं। आओ हम मिलकर देश को आगे बढ़ाएं।
















