नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष : ‘सेवा’ से परिवर्तनकारी नेतृत्व तक की राजनीतिक यात्रा
October 10, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष : ‘सेवा’ से परिवर्तनकारी नेतृत्व तक की राजनीतिक यात्रा

नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष, सत्ता में सेवा संकल्प, कौटिल्य के राजधर्म और परिवर्तनकारी नेतृत्व को लेकर प्रस्तुत विचारात्मक विश्लेषण।

Written byराम माधवराम माधव — edited by Shivam Dixit
Sep 19, 2026, 10:15 pm IST
inभारत, मत अभिमत
narendra modi satta darshan seva sankalp parivartankari netritva

“लगभग सभी पुरुष विपरीत परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं, लेकिन यदि आप किसी व्यक्ति के चरित्र की परीक्षा लेना चाहते हैं, तो उसे सत्ता सौंप दीजिए।” अब्राहम लिंकन ने यह बात प्रसिद्ध रूप से कही थी।

राजनीतिक सत्ता एक नाजुक फूल, एक तेज धार वाले चाकू और एक अनमोल हीरे की तरह है। इसे बेहद सावधानी और पूरी जिम्मेदारी के साथ संभालने की आवश्यकता होती है। सत्ता मिलने के बाद बहुत से लोग लड़खड़ा जाते हैं। लेकिन एक नेता ऐसे रहे जो सबसे अलग नजर आए और वह थे नरेंद्र मोदी।मोदी उस वैचारिक परंपरा से आए, जिसने उन्हें यह गीत सिखाया था—

“पथ का अंतिम लक्ष्य नहीं है, सिंहासन चढ़ते जाना”

अर्थात सत्ता तक पहुंचना हमारी यात्रा का अंतिम उद्देश्य नहीं है। बल्कि उद्देश्य है—

“सब समाज को लिए साथ में आगे है बढ़ते जाना”

— पूरे समाज को साथ लेकर आगे बढ़ना, और

“सफल राष्ट्र का अनुपम वैभव सभी भांति से है लाना”

— एक सफल राष्ट्र का सर्वोच्च गौरव हर दृष्टि से स्थापित करना।

सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष और परिवर्तनकारी दृष्टि

सार्वजनिक जीवन में अपने 25 वर्ष पूरे करते हुए—पहले गांधीनगर और बाद में दिल्ली में—यही दृष्टि और यही मिशन नरेंद्र मोदी की राजनीति का मार्गदर्शन करते रहे।

2014 में मोदी सरकार बनने के कुछ वर्षों बाद, हमने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें कहा गया था कि “हम केवल सुधार के लिए यहां नहीं हैं। सुधार अच्छा है, लेकिन यह मुख्यतः मौजूदा व्यवस्था में छोटे-मोटे बदलाव करने तक सीमित रहता है। प्रधानमंत्री मोदी की दृष्टि परिवर्तनकारी है।”

पश्चिम में कहा जाता है कि “किसी समाज को वही सरकार मिलती है, जिसका वह हकदार होता है।” लेकिन महाभारत के शांति पर्व में भीष्म युधिष्ठिर से कहते हैं—“राजा कालस्य कारणम्”, अर्थात “राजा समय का निर्माता होता है।”

लेख के अनुसार, मोदी ने इसी परिवर्तनकारी एजेंडे को लागू किया।

मैकियावेली और कौटिल्य के शासन दर्शन का अंतर

ऐसा करने के दो तरीके हैं—एक तरीका 16वीं शताब्दी के इतालवी राजनेता निकोलो मैकियावेली ने बताया और दूसरा भारत के तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के विद्वान एवं मंत्री कौटिल्य ने प्रतिपादित किया।

मैकियावेली ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘द प्रिंस’ में लिखा कि “जो राजकुमार अपनी सत्ता बनाए रखना चाहता है, उसे यह सीखना होगा कि अच्छा कैसे न बना जाए।”

इसके विपरीत कौटिल्य का मत था कि राजा की खुशी उसकी प्रजा की खुशी में निहित होती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शासक को अनुशासित और करुणाशील होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी थी कि “जो राजा अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण नहीं रखता, वह शीघ्र ही नष्ट हो जाएगा।” उनका स्पष्ट आग्रह था कि शासक को धर्म के अनुरूप आचरण करना चाहिए।

यही विमर्श मोदी सरकार के राजनीतिक दर्शन को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

‘सेवा संकल्प’ और भारतीय सेवा की अवधारणा

सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक महीने तक चलने वाले “सेवा संकल्प” अभियान का आह्वान करके मोदी ने कौटिल्य के सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।

‘सेवा’ एक विशिष्ट भारतीय अवधारणा है, जिसे अंग्रेजी का ‘Service’ शब्द पूरी तरह व्यक्त नहीं कर पाता। यही कारण है कि ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने 2024 में ‘Seva’ शब्द को अलग से शामिल किया और इसका अर्थ “निःस्वार्थ सेवा; दूसरों की सेवा करने की क्रिया या अभ्यास…” बताया।

जहां ‘Service’ शब्द को व्यापक रूप से किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति के प्रति किए जाने वाले परोपकारी नागरिक दायित्व के रूप में देखा जाता है, वहीं ‘सेवा’ एक आध्यात्मिक अवधारणा है। यह आत्मशुद्धि और अहंकार के उन्मूलन में सहायता करती है। इसमें सेवा करने वाला स्वयं को केवल एक मनुष्य मानता है, जबकि सेवा पाने वाले को ईश्वर के स्वरूप में देखा जाता है।

मनुष्य की सेवा को नारायण की सेवा—‘नर सेवा, नारायण सेवा’—के रूप में देखना भारतीय चिंतन का अभिन्न हिस्सा है।

लेख के अनुसार, मोदी का शासन समाज की भक्ति और समर्पण के साथ सेवा करने की इसी आध्यात्मिक भावना पर आधारित है।

राजधर्म में साहस, संवेदना और समदृष्टि

भीष्म के राजधर्म में एक परिवर्तनकारी शासक के तीन गुण बताए गए हैं—साहस, संवेदना और समदृष्टि।

लेख के अनुसार, मोदी ने अपने शासन में इन तीनों गुणों का व्यापक रूप से प्रदर्शन किया। राष्ट्र ने कई अवसरों पर उनके साहस और संवेदना को देखा, विशेष रूप से कोविड संकट से निपटने के दौरान।

उनकी समदृष्टि इस बात में दिखाई देती है कि उन्होंने अत्यधिक स्तर की आलोचना, आरोपों, अपमान और निंदा को सहन किया, लेकिन उन्हें अपने शासन और उद्देश्यों को प्रभावित नहीं करने दिया।

कन्फ्यूशियस का न्याय और समदृष्टि का विचार

प्रसिद्ध चीनी दार्शनिक कन्फ्यूशियस से एक बार उनके शिष्य ने एक कठिन प्रश्न पूछा। यदि कोई व्यक्ति एक गाल पर थप्पड़ मारे, तो क्या उसके सामने दूसरा गाल कर देना चाहिए, जैसा कि कुछ लोग कहते हैं? या फिर उस व्यक्ति के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए—“एक दांत के बदले पूरा जबड़ा”?

क्या व्यक्ति को उन लोगों के साथ भी अच्छा व्यवहार करना चाहिए, जो उसके साथ बुरा व्यवहार करते हैं? या फिर बुराई का जवाब उसी तरह की बुराई से देना चाहिए?

कन्फ्यूशियस ने इसके जवाब में एक प्रतिप्रश्न किया—यदि आप उन लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे जो आपके साथ बुरा करते हैं, तो फिर उन लोगों के साथ क्या करेंगे जो आपके साथ अच्छा करते हैं?

उनका उत्तर था—जो आपके साथ अच्छा व्यवहार करते हैं, उनके साथ हमेशा अच्छा व्यवहार करें; लेकिन जो आपके साथ बुरा करते हैं, उनके साथ बुरा व्यवहार न करें। उन्हें न्याय दें।

न्याय एक उच्चतर अवधारणा है, जिसके लिए धर्मबोध और समदृष्टि की गहरी भावना आवश्यक होती है। लेख के अनुसार, मोदी का शासन इस न्याय की भावना का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

सफल नेतृत्व के आठ गुण और नरेंद्र मोदी

कुछ समय पहले प्रतिष्ठित ‘फोर्ब्स’ पत्रिका में प्रकाशित एक लेख में एक सफल नेता के आठ गुण बताए गए थे—ईमानदारी, संवाद कौशल, आत्मविश्वास, प्रतिबद्धता, सकारात्मक दृष्टिकोण, नवाचार, अंतर्ज्ञान और प्रेरित करने की क्षमता।

यदि किसी नेता में इनमें से कई गुण मौजूद हों, तो वह एक अच्छा नेता हो सकता है। लेकिन यदि किसी नेता में ये सभी गुण मौजूद हों, तो वह नरेंद्र मोदी होंगे।

Topics: नरेंद्र मोदीसेवा संकल्पकौटिल्यभारतीय राजनीतिसेवाराजधर्मसार्वजनिक जीवननरेंद्र मोदी 25 वर्षमोदी का राजनीतिक दर्शनपरिवर्तनकारी नेतृत्व
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटते सेवा भारती के कार्यकर्ता

सेवा संकल्प से राष्ट्र निर्माण

धर्म, सेवा और समाज: भारतीय जीवनदृष्टि से संघ के सेवा कार्यों तक की यात्रा

परिंदु भगत (काकू भाई) प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता ‘साबरमती संवाद’ के दौरान पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर से बातचीत

‘ऐसे शुरू हुआ गुजरात में संघ कार्य’

प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ : 17 सितंबर से चलेगा ’सेवा संकल्प अभियान’

uttarakhand seva sankalp abhiyan 2026

उत्तराखंड: PM मोदी के जन्मदिन से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, CM धामी ने बताई 11 प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी से पाञ्चजन्य की सलाहकार संपादक तृप्ति श्रीवास्तव ने बातचीत की।

ओडिशा की उड़ान 2.0 : ‘वंदे मातरम्’ पर भारतवासियों को गर्व 

Load More

ताज़ा समाचार

Delhi Metro Update: दिल्ली के 45 मेट्रो स्टेशन बंद, जानें कौन-कौन से स्टेशन हैं शामिल

प्रतीकात्मक तस्वीर

पनामा में 7.7 तीव्रता का भूकंप, कांप उठी धरती; घरों में दरारें, सुनामी का खतरा भी मंडराया

पीओजेके में अधिकारों की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी

वोट पीओजेके के, चाबी इस्लामाबाद की

आज का राशिफल

आज का राशिफल: शनिवार को किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

भाजपा की जीत पर जश्न मनाते कार्यकर्ता (फाइल फोटो)

उपचुनाव के जनादेश ने विपक्ष को दिया जवाब, सरकार और चुनाव आयोग पर लगे आरोप को किया खारिज

Veteran Actor Nana Patekar Passes Away RSS Chief Mohan Bhagwat Condolence Panchjanya

Panchjanya Exclusive: नाना जी की यह थाप आपने कभी नहीं सुनी होगी

भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा के साथ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा

नौगांव लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत: मुस्लिम बहुल सीट पर कांग्रेस की हार, असम की राजनीति में नयी पटकथा की शुरुआत

कल का पंचांग

कल का पंचांग: सर्वपितृ अमावस्या और शनिश्चरी अमावस्या, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

भाजपा की जीत पर जश्न मनाते कार्यकर्ता (फाइल फोटो)

मुस्लिम बहुल रेजीनगर सीट पर भी भाजपा की प्रचंड जीत, बाबरी वाले हुमायूं की पार्टी हारी, कांग्रेस की जमानत जब्त

आरोपी फिरोज गिरफ्तार

प्रयागराज में गोवंशों से भरी पिकअप से पुलिस को कुचलने की कोशिश! फिरोज गिरफ्तार, 2 आरोपी फरार

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies