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200+ दिनों की समुद्री तैनाती के बाद खाड़ी में अमेरिका बदल रहा है एयरक्राफ्ट कैरियर, लंबी तैनाती से स्वास्थ्य खराब

यूएसएस अब्राहम लिंकन 200 दिनों से ज्यादा समुद्र में। परिवारों ने बैठक की, सांसद ब्लूमेंथल ने पत्र लिखा। नेवी का दावा- स्थिति नियंत्रण में, जॉर्ज वॉशिंगटन आ रहा है।

Published by
कुलदीप सिंह

ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरानी तेल को रोकने के लिए होर्मुज स्ट्रेट में अपने एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर रखे हैं। लेकिन, लंबे वक्त से समुद्र में ही तैनात रहने से उसके सैनिकों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। ऐसे में अब अमेरिका यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन एयरक्राफ्ट कैरियर मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी कर रहा है। लिंकन पर लंबे समय से तैनात क्रू के मानसिक स्वास्थ्य और रहने की स्थिति को लेकर परिवारों और सांसदों की तरफ से चिंता जताई जा रही है।

लिंकन की लंबी तैनाती

यूएसएस अब्राहम लिंकन 21 नवंबर 2025 को सैन डिएगो से निकला था। शुरू में यह पैसिफिक इलाके के लिए था, लेकिन फरवरी 2026 में ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद इसे मिडिल ईस्ट भेज दिया गया। जहाज पर करीब 5,000 नाविक और मरीन हैं। यह 200 दिनों से ज्यादा समय से बिना किसी बंदरगाह पर रुके लगातार समुद्र में है। कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 250 दिनों के आसपास बताई गई है। सामान्य तौर पर एयरक्राफ्ट कैरियर हर एक-दो महीने में बंदरगाह पर रुकते हैं।

परिवारों और सांसदों की शिकायतें

परिवारों ने बताया कि लंबे समय तक समुद्र में रहने से नाविकों में थकान और मानसिक दबाव बढ़ गया है। कुछ परिवारों के मुताबिक कई नाविकों ने जहाज से कूदने की कोशिश की या सोच रहे थे। एक मामले में दूसरे क्रू मेंबर ने किसी को रोक लिया। सैन डिएगो में करीब 200 परिवारों की बैठक में एक्टिंग नेवी सेक्रेटरी हंग काओ और अन्य अधिकारियों से इस मुद्दे पर बात हुई।

डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ और नेवी अधिकारियों को पत्र लिखा। उन्होंने जरूरी सामान की कमी, पानी की समस्या, प्लंबिंग के मुद्दे, टॉयलेट खराब होना, गर्म पानी न मिलना, खाने-पीने की कमी, मेल सिस्टम में गड़बड़ी और मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने की बात कही। कुछ रिपोर्ट्स में फफूंद और अन्य रहने की परेशानियां भी बताई गईं।

नेवी और अधिकारियों का जवाब

अमेरिकी नेवी ने कहा कि जहाज पर आत्महत्या की सोच या कोशिशों में कोई बढ़ोतरी नहीं दिखी। नाविकों को काउंसलर, चैपलिन और साफ पानी-खाना उपलब्ध है। डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने खराब स्थिति वाली रिपोर्ट्स को “पूरी तरह गलत तरीके से पेश किया गया” बताया। नेवी ने माना कि युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट में सप्लाई रूट प्रभावित हुए, जिससे खाना, साफ-सफाई का सामान और मेल में देरी हुई। पहले जरूरी सामान भेजने को प्राथमिकता दी गई।

नया कैरियर रास्ते में

यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन हाल ही में वियतनाम के दा नांग से निकला। यह सिंगापुर स्ट्रेट और मलाक्का स्ट्रेट पार कर इंडियन ओशन की तरफ बढ़ रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि यह बदलाव पहले से प्लान की गई रोटेशन का हिस्सा है, सिर्फ लिंकन की समस्याओं की वजह से नहीं। जॉर्ज वॉशिंगटन और उसका स्ट्राइक ग्रुप मिडिल ईस्ट की तरफ जा रहा है, जहां ईरान के साथ तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी बनी हुई है।

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