खाड़ी संकट के बीच ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य दोबारा खोलने के लिए अमेरिका के सामने कई सख्त मांगें रखी हैं। वहीं दूसरी ओर संयुक्त अरब अमीरात ने आरोप लगाया है कि उसके एक जहाज पर ईरानी मिसाइल का हमला हुआ। शनिवार को भी जलडमरूमध्य खोलने का कोई समझौता नहीं हो पाया।
ईरान की नई मांगें
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि जब तक अमेरिका अपना व्यवहार नहीं सुधारता, होर्मुज़ नहीं खुलेगा। काउंसिल के सचिव मोहम्मद बागेर जोलघद्र (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर कमांडर) के बयान में कहा गया है कि अमेरिका को कभी भी ईरान को धमकी नहीं देनी चाहिए। युद्ध हमेशा के लिए खत्म करना होगा, ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी हटानी होगी, इलाके से अपनी सेना वापस बुलानी होगी, युद्ध के नुकसान का पूरा मुआवजा देना होगा, प्रतिबंध हटाने होंगे और फ्रीज की गई संपत्तियां बिना शर्त छोड़नी होंगी।
अमेरिका की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। अमेरिका चाहता है कि जलडमरूमध्य पर कोई स्वीकार्य डील हो जाए, उसके बाद ही नाकाबंदी हटे। जून में हुए अंतरिम समझौते के मुताबिक, अंतिम डील में प्रतिबंध खत्म करने का शेड्यूल और मुआवजे की योजना शामिल होनी थी। फ्रीज संपत्तियों पर भी बात होनी थी।
बातचीत की स्थिति
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा कि नेविगेशन, खासकर ट्रांजिट रूट तय करने पर सहमति करीब है। लेकिन जलडमरूमध्य खोलने के लिए और शर्तें हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अंतरिम डील का उल्लंघन किया है। मध्यस्थ देश ओमान ने कहा कि चर्चाएं सकारात्मक माहौल में चल रही हैं। ओमान ने जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों की निंदा भी की।
ईरान जलडमरूमध्य पर प्रभावी नाकाबंदी लगाए हुए है और गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेना चाहता है। जो जहाज उसके बताए रूट से नहीं जाते, उन पर हमले करता रहा है। अमेरिका किसी भी ईरानी टोल का विरोध करता है। जून की डील में ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज़ के भविष्य के प्रबंधन पर बात कर सकते हैं।
60 दिन की बातचीत की अवधि एक हफ्ते से ज्यादा में खत्म हो रही है। इसे बढ़ाया भी जा सकता है। ईरान ओमान के साथ जलडमरूमध्य प्रबंधन का अलग समझौता करने के करीब बताया गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि अब समझौते का सही समय है। देश में एकता और ताकत है, और ईरान इस युद्ध में विजयी और मजबूत माना जा रहा है।
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युद्ध से पहले होर्मुज़ अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता था और मुफ्त गुजरने की सुविधा थी। अब जहाजों का आना-जाना कम है। लगातार हमलों के कारण अप्रैल की युद्धविराम टूट गई थी। मध्यस्थ दोनों पक्षों से जून के समझौते पर लौटने की अपील कर रहे हैं।
यूएई के जहाज पर हमला
अबू धाबी की सरकारी कंपनी अदनोक के एक जहाज पर शनिवार सुबह होर्मुज़ में हमला हुआ। यूएई विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने मिसाइल दागी। अदनोक ने बताया कि कोई हताहत नहीं हुआ। फरवरी में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर युद्ध शुरू होने के बाद कंपनी के एक दर्जन से ज्यादा जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हो चुके हैं। एक चालक दल का सदस्य मारा गया और 20 घायल हुए।
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि ओमान के खसब शहर के पूर्व में एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल लगा, आग लगी जो बुझा दी गई। जहाज और चालक दल सुरक्षित हैं। यह अदनोक वाला मामला है या नहीं, यह साफ नहीं।

















