नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने RSS कार्यकर्ता श्रीनिवासन की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन (PFI) के पलक्कड़ जिलाध्यक्ष मुहम्मदअली केपी को गिरफ्तार किया है। चार साल तक सऊदी अरब में छिपे रहने के बाद वह दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर रियाद से उतरते ही पकड़ा गया। अब इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 67 हो गई है।
घटना क्या थी
16 अप्रैल 2022 को केरल में RSS नेता श्रीनिवासन की क्रूर हत्या कर दी गई थी। उन्हें हैक कर मारा गया। NIA के मुताबिक, यह हत्या बैन हो चुके पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कार्यकर्ताओं ने की थी। मुहम्मदअली केपी पर आरोप है कि वह इस साजिश में प्रमुख भूमिका में था और हत्यारों को शरण भी दी थी।
मुहम्मदअली केपी केरल के पलक्कड़ जिले का रहने वाला है। NIA ने अब तक इस केस में 65 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। मुहम्मदअली पर भारतीय दंड संहिता (IPC) और अवैध गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UPA की धाराओं के तहत केस चल रहा है।
NIA की जांच में क्या निकला
NIA ने सितंबर 2022 में इस मामले की जांच शुरू की। एजेंसी का कहना है कि PFI ने देश में आतंक फैलाने और 2047 तक इस्लामिक नियम स्थापित करने की साजिश रची थी। इसके लिए संगठन ने अलग-अलग विंग बनाए थे। पीई विंग के नाम पर शारीरिक शिक्षा और योगा ट्रेनिंग के बहाने चुने हुए लोगों को हथियारों की ट्रेनिंग दी जाती थी। जबकि, इसका रिपोर्टर्स विंग टारगेट की जानकारी इकट्ठा करता था। उसके बाद सर्विस टीम असल में हमले करती थी। संगठन के ऑफिस, कैंपस और अन्य जगहों का इस्तेमाल इस काम के लिए होता था। एनआईए के अनुसार, ये सब सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और हिंसक चरमपंथ फैलाने के लिए था।
मुहम्मदअली पर 3 लाख का था ईनाम
NIA ने पहले इस आरोपी पर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस भी जारी था। चार साल तक वह सऊदी अरब में छिपा रहा।
केस में और गिरफ्तारियां
इससे पहले भी कई अहम गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। 4 अप्रैल 2025 को मुख्य हमलावर शमनाद ईके उर्फ शमनाद इलिक्कल को एर्नाकुलम से गिरफ्तार किया गया। वह तीन साल तक फरार था और 7 लाख रुपये का इनाम उसके सिर पर था। बाद में सितंबर 2025 में उसके खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की गई। 4 जुलाई 2026 को PFI के हथियार ट्रेनर अयोब ने कोच्चि की NIA कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
NIA अभी भी इस पूरे मामले की जांच जारी रखे हुए है। मुहम्मदअली केपी की गिरफ्तारी से केस में एक और बड़ी कड़ी जुड़ गई है।
















