कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के अंतर्गत राज्य की 142 विधानसभा सीटों के लिए बुधवार को मतदान होगा। अंतिम चरण में राजधानी कोलकाता के अलावा उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, नदिया और पूर्व बर्धमान जिलों में मतदान होगा। इस चरण में 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं। तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस ने सभी 142 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 141 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
दूसरे चरण के लिये 1463 नामांकन
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, दूसरे चरण के लिये एक हजार 463 नामांकन प्राप्त हुए। इनमें 15 लोगों का नामांकन रद्द कर दिया गया है। दक्षिण 24 परगना के भांगड़ विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 19 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि सबसे कम पांच उम्मीदवार हुगली की गोघाट (एससी) सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस चरण में सात जिलों के कुल तीन करोड़ 21 लाख73 हजार 837 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें एक करोड़ 64 लाख 35 हजार627 पुरुष तथा एक करोड़ 57 लाख 37 हजार 418 महिला मतदाताओं के अलावा 792 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।
भवानीपुर विधानसभा सीट पर सबकी नजरें
इस चरण में कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट पर सबकी नजरें टिकी है जहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से है। वर्ष 2021 के चुनाव में नंदीग्राम में दोनों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था, जिसमें शुभेंदु अधिकारी ने जीत दर्ज की थी।
बूथों की विशेष निगरानी
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिये चुनाव आयोग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। लगभग सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील व अति-संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वेबकास्टिंग, सीसीटीवी निगरानी और लगातार फ्लैग मार्च के जरिए शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
चुनाव आयोग सूत्रों के अनुसार, सबसे अधिक उत्तरी 24 परगना जिले में कुल 507 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। उत्तर 24 परगना के बारासात पुलिस जिले में 112 कंपनी की तैनाती की जा रही हैं, जबकि बनगांव जिले में 62 कंपनी बल की तैनाती की जा रही है। इसी तरह अन्य जिलों में भी शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
एनआईए भी सक्रिय
पश्चिम बंगाल में बुधवार को होने वाले अंतिम चरण के मतदान के दौरान कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अर्धसैनिक बलों के साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए को भी सक्रिय किया गया है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सिर्फ सेंट्रल फोर्स या बख्तरबंद गाड़ियां ही नहीं, एनआईए जैसी देश की राष्ट्रीय एजेंसी अलग-अलग टीमों में विभाजित होकर संवेदनशील इलाकों में पहुंच चुकी हैं। चुनाव आयोग के अनुसार संवेदनशील इलाकों इलाकों में शांति व्यवस्था बनी रहे इसके लिए एहतियात के तौर पर एनआईए के अधिकारियों को मतदान वाले सभी सात जिलों के संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, एनआईए की टीम मंगलवार दोपहर तक लगभग सभी जिलों के संवेदनशील इलाकों में पहुंच चुकी थी। यह तैनाती मुख्य रूप से उन इलाकों में की जा रही है जिनका आपराधिक इतिहास रहा है।
उल्लेखनीय है कि विगत मार्च महीने में कोलकाता पुलिस के तहत भांगड़ के विजयगंज थाना इलाके में एक धमाका हुआ था। जिसकी जांच एनआई की टीम कर रही है। एनआईए की एक टीम पूर्व बर्धमान के खागरागढ़ भी पहुंची जहां हुए बम ब्लास्ट की घटना में आतंकी कनेक्शन उजागर हुआ था। इसके अलावा राजधानी कोलकाता के कई इलाके, डायमंडहार्बर, बारूईपुर, बशीरहाट, बारासात जैसे इलाकों में भी एनआईए टीमों के पहुंचने की खबर है।
एनआई सूत्रों का कहना है कि वे पहले से ही एहतियाती उपायों पर नज़र रख रहे हैं। अगर कहीं बमबारी या फायरिंग की कोई घटना होती है, तो वे उस पर नज़र रखेंगे। चुनाव आयोग सूत्रों के मुताबिक मतदान के दौरान विशेष निगरानी रखत े लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पहले चरण में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान
गत 23 अप्रैल को पहले चरण में राज्य की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। मतगणना आगामी चार मई को होगी।–

















