गोरखपुर के तिवारीपुर इलाके में एक छात्र के ठिकाने पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कार्रवाई की। टीम ने लैपटॉप, मोबाइल फोन और दूसरे डिजिटल सामान जब्त कर लिए। अब इनकी फॉरेंसिक जांच होनी है, जिससे छात्र की ऑनलाइन गतिविधियां, संपर्क और नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
एनआईए ने जब्त किए कई सामान
सुबह से शाम तक चली तलाशी के बाद NIA की टीम जब्त किए गए सामान लेकर लौट गई। इलाके में इस कार्रवाई की चर्चा रही। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि छात्र पिछले करीब एक साल से यहां रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसकी दिनचर्या सामान्य थी, इसलिए अचानक इतनी बड़ी टीम के आने से सब हैरान रह गए।
कार्रवाई के बाद परिवार ने पूरी चुप्पी साध ली है। शाम सात बजे के बाद घर से कोई बाहर नहीं निकला और किसी से बात भी नहीं की। जांच पूरी होने तक UP ATS परिवार पर नजर रखेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर सहयोग लिया जा सके। अभी परिवार के किसी सदस्य पर अलग से कोई आरोप या कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फॉरेंसिक जांच में क्या देखा जाएगा
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जब्त उपकरणों में डिलीट किया गया डेटा, इंटरनेट गतिविधियां, व्हाट्सएप चैट, फेसबुक अकाउंट, संपर्क सूची और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तार से जांच होगी। इस रिपोर्ट से पता चलेगा कि ऑनलाइन गतिविधियां कैसी थीं, किन लोगों से संपर्क थे और आगे जांच किस दिशा में बढ़ेगी। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा कि और किन लोगों से पूछताछ की जाएगी और पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है।
पहले भी हुई हैं ऐसी कार्रवाइयां
रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई ने 2023 की उस घटना की याद ताजा कर दी, जब UP ATS ने ISKP (इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रोविंस) से जुड़े मॉड्यूल का खुलासा किया था। जुलाई 2023 में खूनीपुर के मोहम्मद तारिक अतहर उर्फ मोटू को गिरफ्तार किया गया था। जांच में पता चला कि वह इंटरनेट के जरिए गुजरात के पोरबंदर से गिरफ्तार सुमैरा बानो के संपर्क में आया। इसके बाद वह ISKP की विचारधारा से प्रभावित हुआ और UP में नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहा था।
उसने टेलीग्राम पर युवाओं का ग्रुप बनाया था और ISIS से जुड़ी सामग्री शेयर करता था। युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर ले जाने की कोशिश का आरोप था। गोरखपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले पहले भी सामने आए हैं। 2015 में जाली नोट के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसमें डॉ. समीर, महबूब अली उर्फ शेरू समेत कई लोग गिरफ्तार हुए। 2020 में पाकिस्तान कनेक्शन के एंगल पर एक व्यक्ति से पूछताछ हुई थी।

















