हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में उत्तराखंड यातायात पुलिस के अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के लिए दो दिवसीय तनाव प्रबंधन शिविर का आज समापन हो गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों को मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व, कार्यकुशलता एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि के विकास हेतु सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए गए।
आंतरिक संतुलन और मानसिक शांति प्रभावी कार्यक्षमता की आधारशिला: डॉ. चिन्मय पण्ड्या
शिविर के समापन सत्र को संबोधित करते हुए देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति एवं युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि आंतरिक संतुलन, मानसिक शांति और सकारात्मक चिंतन प्रभावी कार्यक्षमता तथा स्वस्थ समाज की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि सेवा के साथ मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य का संरक्षण भी प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। प्रतिकुलपति ने युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के जीवन-दर्शन का उल्लेख करते हुए कर्तव्यों का ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
पुलिसकर्मियों ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय का किया भ्रमण
वहीं, प्रतिभागियों ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय का भ्रमण किया और परिसर की शांति व सुकून देने वाले वातावरण का अनुभव किया। इस दौरान तनाव प्रबंधन, योग, ध्यान, सकारात्मक जीवनशैली एवं मूल्यपरक जीवन जैसे विषयों पर संवाद हुआ।
‘समाज में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होती है’
इससे पूर्व शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री योगेंद्र गिरि ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन ईश्वर की सर्वोत्तम कृति है, इसलिए शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।
शिविर में विशेषज्ञों द्वारा तनाव प्रबंधन, योग, प्राणायाम, ध्यान, व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक चिंतन एवं जीवन प्रबंधन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यकुशलता के लिए सहायक है प्रशिक्षण
यातायात विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने, कार्यकुशलता बढ़ाने तथा जनसेवा की गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायक हैं। वहीं, देव संस्कृति विश्वविद्यालय एवं शांतिकुंज द्वारा आयोजित यह जीवन प्रबंधन कार्यक्रम समाज में सकारात्मक एवं मूल्यनिष्ठ वातावरण के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
















