जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने विभिन्न मस्जिद परिसरों का औचक निरीक्षण कर शिक्षण गतिविधियों और संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किया। लकड़ी पड़ाव स्थित मदीना/रसीदिया मस्जिद के परिसर में एक कमरे में 29 बच्चे पढ़ाई करते मिले, जबकि जामा मस्जिद परिसर में 14 बच्चे पढ़ते पाए गए।
रसीदिया मस्जिद में 29 बच्चे मिले
प्रशासन की टीम ने लकड़ी पड़ाव स्थित मदीना/रसीदिया मस्जिद के परिसर में निरीक्षण किया। यहां एक कमरे में कुल 29 बच्चे पढ़ाई करते मिले। टीम ने संचालित शिक्षण गतिविधि के संबंध में जानकारी ली और आवश्यक मान्यता एवं अनुमति से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया।
प्रशासन के अनुसार मौके पर मदरसा संचालन के लिए आवश्यक अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद संबंधित कक्ष को सामान सहित सील कर दिया गया तथा आगे किसी भी प्रकार की पठन-पाठन गतिविधि संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए।
जामा मस्जिद परिसर में 14 बच्चे पढ़ते मिले
इसके बाद प्रशासनिक टीम ने मुख्य बाजार स्थित जामा मस्जिद का निरीक्षण किया। मस्जिद परिसर के एक कमरे में 14 बच्चे पढ़ाई करते हुए मिले। यहां भी मदरसा संचालन से संबंधित आवश्यक अभिलेख नहीं पाए गए।
इसके बाद प्रशासन ने यहां संचालित शिक्षण गतिविधि वाले कक्ष को भी सील कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक मान्यता, अनुमति अथवा निर्धारित प्रक्रिया के शिक्षण गतिविधियों का संचालन नहीं किया जा सकता।
जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया के निर्देशन में संपन्न हुई। संयुक्त टीम ने मस्जिद परिसरों में संचालित शिक्षण गतिविधियों और संबंधित अभिलेखों की जांच की।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि बिना मान्यता संचालित शिक्षण गतिविधियों के संबंध में जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।
बिना मान्यता के मदरसे नहीं चलने दिए जाएंगे
डीएम स्वाति भदौरिया ने बताया कि बिना मान्यता के मदरसे जिले में नहीं चलने दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर हाल में मदरसों को प्राधिकरण और शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेनी होगी।
उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित मदरसों के खिलाफ कार्रवाई पहले से जारी है। हालिया सरकारी कार्रवाई के तहत विभिन्न जिलों में ऐसे मदरसों के पंजीकरण और मान्यता से जुड़े अभिलेखों की जांच की जा रही है।
मदरसा संचालन और मान्यता को लेकर प्रशासन की सख्ती
प्रशासन की कार्रवाई का केंद्र बिना आवश्यक मान्यता और निर्धारित प्रक्रिया के संचालित शिक्षण गतिविधियां हैं। कोटद्वार में हुई कार्रवाई के दौरान दोनों स्थानों पर कुल 43 बच्चे पढ़ाई करते मिले, जिसके बाद संबंधित शिक्षण कक्षों को सील किया गया।
प्रशासन के अनुसार आगे भी जांच के दौरान मान्यता, अनुमति और निर्धारित शैक्षणिक मानकों से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।















