एमपी हाईकोर्ट: मुस्लिम पर्सनल लॉ में दूसरी शादी अमान्य नहीं, इसलिए धारा 494 लागू नहीं होगी
August 12, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

एमपी हाईकोर्ट: मुस्लिम पर्सनल लॉ में दूसरी शादी अमान्य नहीं, इसलिए धारा 494 लागू नहीं होगी

आरोपी के वकील ने दलील दी कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत पांचवीं शादी होने पर ही धारा 494 लागू हो सकती है, क्योंकि चार शादियां करना कानूनी रूप से मान्य है। इसी केस की सुनवाई हाईकोर्ट में हो रही थी।

Written byजय प्रकाश गुप्ताजय प्रकाश गुप्ता
Apr 9, 2026, 11:05 pm IST
inभारत
कोर्ट का फैसला (प्रतीकात्मक चित्र)

कोर्ट का फैसला (प्रतीकात्मक चित्र)

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ और भारतीय दंड संहिता (IPC) के बीच के कानूनी तालमेल को लेकर फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत बहुविवाह (पॉलीगैमी) को मान्यता प्राप्त होने के कारण, एक मुस्लिम पुरुष पर पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने के लिए द्विविवाह का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।

जस्टिस बीपी शर्मा की एकल पीठ ने एक मुस्लिम पति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि IPC की धारा 494 (द्विविवाह) केवल उन स्थितियों में लागू होती है, जहां पहली शादी के रहते हुए की गई दूसरी शादी कानून की नजर में ‘अमान्य’ हो।

कोर्ट का तर्क

चूंकि मुस्लिम पर्सनल लॉ एक पुरुष को एक से अधिक (चार तक) पत्नियां रखने की अनुमति देता है, इसलिए दूसरी शादी स्वतः अमान्य नहीं मानी जा सकती। बेंच ने कहा कि जब तक दूसरी शादी कानूनन अवैध न हो, तब तक द्विविवाह का अपराध नहीं बनता। इस आधार पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ धारा 494 के तहत चल रही कार्यवाही को रद्द कर दिया।

क्रूरता और धमकी के आरोपों पर चलेगा मुकदमा 

हाईकोर्ट ने पति को पूरी तरह दोषमुक्त नहीं किया है। कोर्ट ने माना कि भले ही द्विविवाह का मामला न बनता हो, लेकिन आरोपी की पत्नी ने जो अन्य आरोप लगाए हैं जैसे मारपीट (धारा 323), क्रूरता (धारा 498-A), बंधक बनाना (धारा 342) और आपराधिक धमकी (धारा 506) प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होते हैं। इसलिए इनका मुकदमा चलेगा।

क्या है पूरा मामला

शिकायतकर्ता पत्नी ने पुलिस को बताया था कि उसकी शादी 2002 में हुई थी। बच्चा न होने के कारण उसका पति उसके साथ लगातार मारपीट करता था। मई 2022 में पति ने दूसरी शादी कर ली और उस पर ‘खुला’ (आपसी सहमति से तलाक) देने के लिए दबाव बनाया।

आरोपी के वकील ने दलील दी कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत पांचवीं शादी होने पर ही धारा 494 लागू हो सकती है, क्योंकि चार शादियां करना कानूनी रूप से मान्य है। इसी केस की सुनवाई हाईकोर्ट में हो रही थी।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले तक पहुंचने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों और पर्सनल लॉ के प्रावधानों का सहारा लिया। सरला मुद्गल बनाम भारत संघ (1995): इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पर्सनल लॉ के तहत बहुविवाह की स्थिति में द्विविवाह के कानून की व्याख्या कैसे की जानी चाहिए।

एक अन्य केस (खुर्शीद अहमद खान बनाम उत्तर प्रदेश राज्य 2015) का हवाला देते हुए कोर्ट ने नोट किया कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में बहुविवाह को मान्यता प्राप्त है।

कोर्ट ने कहा कि धारा 494 के तहत सजा तभी हो सकती है जब दूसरी शादी उस व्यक्ति के ‘पर्सनल लॉ’ के तहत अवैध हो। हिंदुओं में दूसरी शादी अमान्य है, इसलिए उन पर यह लागू होती है, लेकिन मुस्लिमों के लिए स्थिति अलग है।

विपक्ष की दलील और कोर्ट का रुख

शिकायतकर्ता पत्नी के वकील ने तर्क दिया था कि जब तक शरिया एप्लीकेशन एक्ट, 1937 के तहत औपचारिक घोषणा जमा नहीं की जाती, तब तक पति चार शादियों का हकदार नहीं है। हालांकि, बेंच ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज में बहुविवाह की पारंपरिक और कानूनी मान्यता सर्वोपरि है।

हाईकोर्ट का फैसला और निर्देश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यह निष्कर्ष निकाला कि धारा 494 के तहत मुकदमा जारी रखना ‘कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग’ होगा। इसलिए द्विविवाह के आरोप को हटा दिया। साथ ही ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया गया है कि वह क्रूरता (498-A) और अन्य मारपीट से संबंधित धाराओं की स्वतंत्र रूप से जांच करे और साक्ष्यों के आधार पर कानून के हिसाब से फैसला सुनाए।

Topics: Muslim Personal LawMP High CourtShariat LawSection 494 IPCBigamy CasePolygamy In IndiaHigh Court Verdict
जय प्रकाश गुप्ता
जय प्रकाश गुप्ता
लेखक करीब एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। अभी स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहरी पकड़ है। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

पंजाब: AAP के स्वास्थ्य मॉडल की हाईकोर्ट में खुली पोल, जज ने कहा- ‘आपको वोट सेवाएं रोकने के लिए नहीं मिले हैं’

सुप्रीम कोर्ट ने उज्जैन तकिया मस्जिद विध्वंस मामले में याचिका खारिज की

उज्जैन में टूटेगी तकिया मस्जिद : सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की मुस्लिम पक्ष की याचिका

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2005 के रेप केस में शौहर इस्लाम को बरी किया: मुस्लिम पर्सनल लॉ का दिया हवाला

Supreme court NCPCR on Madarsa

केरल की साफिया ने की मुस्लिमों को उत्तराधिकार अधिनियम में शामिल करने की मांग, SC बोला-ये संसद का अधिकार

MP हाई कोर्ट ने वकील को लगाई फटकार: “फिर तो आप कहेंगे ताजमहल, लाल किला और पूरा भारत वक्फ बोर्ड का है

हिंदू-मुस्लिम विवाह अवैध करार..! : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

Load More

ताज़ा समाचार

आज का राशिफल

12 अगस्त राशिफल: मेष से मीन तक जानें आज का दैनिक राशिफल

12 अगस्त का पंचांग

12 अगस्त का पंचांग: ग्रह स्थिति, लग्नारंभ समय और दिशाशूल की पूरी जानकारी

शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

असम मॉडल अब बंगाल में भी! ‘लैंड जिहाद’ पर कसेगा शिकंजा, अंतरधार्मिक जमीन सौदों पर लगेगी रोक?

नेपाल में वरिष्ठ अधिकारी दे रहे इस्तीफा

Nepal Bureaucracy Crisis : बालेंद्र सरकार की नीतियों से असंतुष्ट नौकरशाहों के इस्तीफों की झड़ी

ध्रुव राठी

भगवान राम और माता सीता के अपमान का मामला : ध्रुव राठी का वीडियो भारत में ब्लॉक, गूगल ने दी जानकारी

supreme court

तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका, फ्रीज खातों से राशि निकासी पर सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत

सर्वोच्च न्यायालय ( प्रकोष्ठ में ) न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां

न्यायपालिका : न्यायाधीशों के चयन के मानदंड स्पष्ट नहीं

आज का श्लोक : कायेन मनसा वाचा धनेनापि जनेन च।

रणधीर जायसवाल

मक्का रक्षा समझौते का हो रहा विश्लेषण, भारत अपने हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध

रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय

अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य और अभिन्न अंग, यह स्वयंसिद्ध और निर्विवाद वास्तविकता है : विदेश मंत्रालय

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies