अलगाववादी व खालिस्तानी विचारधारा से पीडि़त पंजाब के खडूर साहिब लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का निर्दलीय सांसद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत असाम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है और बाहर निकलने के लिए छटपटा रहा है। उसने कई बार पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में यह याचिका लगाई है कि उसे संसद के सत्र में भाग लेने की अनुमति दी जाए।
तीन दिन पहले असफल होने के बाद आज उसने फिर से अदालत में गुहार लगाई परन्तु अदालत ने कहा कि कल 19 दिसम्बर को संसद सत्र का आखिरी दिन है, एक दिन में आप क्या कर लेंगे। इतना ही नहीं कोर्ट ने अगले सत्र के लिए एडवांस में याचिका दायर करने की सलाह दी। कोर्ट ने कहा पिछले तीन दिन से अमृतपाल सिंह के वकील के पेश नहीं होने के चलते इस मामले में सुनवाई नहीं हो पाई। कोर्ट ने कहा कल सेशन का आखिरी दिन होने के चलते याचिक का कोई ओचित्य नहीं रहा है।
शीतकालीन सत्र में भाग लेना चाहता था अमृतपाल
अमृतपाल सिंह की ओर से दायर इस याचिका में मांग की गई थी कि उन्हें शीतकालीन सत्र दिसंबर 2025 में भाग लेने की अनुमति दी जाए। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत दंडनीय कस्टडी में रहते हुए भी वे लोकसभा सदस्य चुने गए हैं, इसलिए संसदीय सत्र में उपस्थित होने का संवैधानिक अधिकार है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सत्र का अंतिम चरण कल, यानी कि 19 दिसंबर है, इसलिए अब कोई औचित्य नहीं बचता। बेंच ने अगले सत्र के लिए एडवांस में याचिका दायर करने की सलाह दी ताकि समय पर सुनवाई हो सके।
वकील की अनुपस्थिति पर फटकार
कोर्ट ने टिप्पणी की कि पिछले तीन दिनों से याचिकाकर्ता के वकील कोर्ट में पेश नहीं हुए, जिसके कारण सुनवाई टलती रही। जस्टिस गिल ने कहा, याचिका का कोई तर्क नहीं जब सत्र समाप्ति पर है। अमृतपाल सिंह को 2023 में एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था और वे असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। उनकी रिहाई और संसदीय भागीदारी को लेकर पहले भी कई याचिकाएं दायर हो चुकी हैं।
खडूर साहिब से सांसद है अमृतपाल
अमृतपाल सिंह खालिस्तान समर्थक है और अकाली दल वारिस पंजाब का प्रमुख है। 2024 लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 1.97 लाख वोटों से जीत हासिल की थी। उसने ये चुनाव जेल में रहते हुए जीता।

















