पंजाब में आम आदमी पार्टी अपने कार्यकाल के अंतिम दौर में परिवारवाद पर उतर आई लगता है। लुधियाना नगर निगम की सबसे शक्तिशाली समिति, फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी में विधायक पुत्रों की सीधी नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नगर निगम के अधिकारी कोई जवाब दाखिल नहीं कर पाए।
कमेटी में मनोनयन पर हाईकोर्ट सख्त, 29 जुलाई तक जवाब तलब
कोर्ट द्वारा जवाब तलब किए जाने पर निगम के अधिकारियों ने 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा था। कोर्ट ने निगम की समय बढ़ाने की मांग को खारिज करते हुए सख्त आदेश दिया और 29 जुलाई (बुधवार) तक अपना अंतिम जवाब दाखिल करने को कहा है। आम आदमी पार्टी के विधायक मदन लाल बग्गा के बेटे अमन बग्गा और विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू के बेटे युवराज सिद्धू को उक्त कमेटी का सदस्य बनाया गया है। वार्ड नंबर-26 से पार्षद गौरव भट्टी ने इस नियुक्ति के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मेयर इंद्रजीत कौर पर सत्ता के दबाव में आकर म्यूनिसिपल एक्ट और लोकतांत्रिक व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने का आरोप है। आरोप है कि बजट मीटिंग के दौरान ऐसा कोई एजेंडा या प्रस्ताव नहीं लाया गया था और पार्षदों को पूरी तरह गुमराह रखा गया। म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार, स्न&ष्टष्ट का सदस्य बनने के लिए बाकायदा चुनाव प्रक्रिया अपनाई जानी अनिवार्य है, न कि सीधे मनोनयन।

















