संविधान और लोकतंत्र की बातें करने वाली आम आदमी पार्टी का असली चेहरा कितना लोकतांत्रिक है एक बार फिर इसका रहस्योद्घाटन पंजाब के अबोहर नगर निगम के चुनाव में हो गया। अबोहर नगर निगम में भाजपा के बहुमत के बावजूद आम आदमी पार्टी के गणेश सबलनिया मेयर चुने गए। इसके बाद बवाल हो गया। भाजपा नेता धरने पर बैठ गए। शुक्रवार देर शाम तक तनातनी जारी रही। जिसके बाद मेयर चुनाव को रद्द घोषित कर दिया गया।
नगर निगम की दलगत स्थिति
अबोहर में भाजपा के 28 पार्षद हैं। आप के 20 और कांग्रेस और आजाद 1-1 पार्षद हैं। आप के हलका इंचार्ज अरुण नारंग ने कहा कि आप के पक्ष में 27 हाथ उठे जिसके बाद सबलनिया को विजेता घोषित कर दिया गया। वहीं संदीप जाखड़ धक्केशाही का आरोप लगाकर धरने पर बैठ गए। इसके बाद डीसी की गाड़ी का घेराव कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
चुनावी प्रक्रिया पर लगे सवालिया निशान
अबोहर नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया। बहुमत का दावा कर रही भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका देते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार गणेश सबलानिया मेयर निर्वाचित घोषित किए गए। चुनाव परिणाम सामने आते ही भाजपा नेताओं और पार्षदों ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए धांधली के आरोप लगाए।
विधायक का निर्णायक वोट भी भाजपा के पक्ष में
चुनाव से पहले नगर निगम में भाजपा के 28 पार्षद, आम आदमी पार्टी के 20 पार्षद, एक कांग्रेस पार्षद और एक आजाद पार्षद था। भाजपा का कहना है कि विधायक के मतदान अधिकार को जोडऩे पर उनके पक्ष में कुल 29 वोट बनते हैं, इसलिए उनके पास स्पष्ट बहुमत था। वहीं, आम आदमी पार्टी के हल्का इंचार्ज अरुण नारंग ने दावा किया कि मेयर चुनाव के दौरान आप के पक्ष में 27 हाथ उठे, जिसके आधार पर गणेश सबलानिया को विजयी घोषित किया गया।
चुनाव में धक्केशाही लोकतांत्रिक परम्पराओं का उल्लंघन : भाजपा
परिणाम घोषित होते ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया का विरोध शुरू कर दिया। भाजपा नेता संदीप जाखड़ ने आरोप लगाया कि चुनाव में धक्केशाही और लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी 28 पार्षद उनके साथ मौजूद हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
डीसी का किया विरोध
विरोध के दौरान संदीप जाखड़ अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डिप्टी कमिश्नर (डीसी) की गाड़ी का घेराव भी किया। इस दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए और चुनाव प्रक्रिया को रद्द करने की मांग उठाई गई।

















