झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच टीवी जर्नलिस्ट अमन चोपड़ा ने एक वीडियो जारी कर झारखंड पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अमन चोपड़ा का कहना है कि छात्रों के आंदोलन की कवरेज करने के कारण पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया, लगभग 2 घंटे तक पूछताछ की और फिर उनके खिलाफ FIR दर्ज कर दी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में अमन चोपड़ा ने दावा किया कि झारखंड विधानसभा घेराव और छात्रों के मार्च को कवर कर रहे कई अन्य पत्रकारों को भी पुलिस ने रोका, हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की।
अमन चोपड़ा ने वीडियो में क्या कहा?
पत्रकार अमन चोपड़ा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार मीडिया को छात्रों के आंदोलन से जुड़ी जमीनी हकीकत दिखाने से रोकना चाहती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में उन्होंने कहा, ‘जब मैं होटल में खाना खा रहा था, तब पुलिस वहां आई। मुझे हिरासत में लिया गया और 2 घंटे तक पूछताछ करने के बाद एफआईआर की कॉपी थमा गई। वजह दी गई है कि अस्पताल में मैंने जो छात्र से बात की थी हालांकि, वहां कांग्रेस के नेता सुबोधकांत सहाय सहित तमाम नेता और मीडिया वाले वहां पहुंचे थे। अब कवरेज करने की मनाही है। देखिए यही होता है जब दिल्ली में जंतर-मंतर पर आंदोलन हो रहा था तो वहां पर कवरेज करने की कोई मनाही नहीं थी, लेकिन यहां पर छात्रों के विधानसभा घेराव की कवरेज करने से रोका जा रहा है। मेरे अलावा कई पत्रकार थे वहां लेकिन चुनिंदा तरीके से हमें ही नोटिस दिया गया और एफआईआर दर्ज कर दी गई। सच बोलने की कीमत कभी-कभी ऐसे चुकानी पड़ती है, सरकार इतना घबरा गई है कि पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर कर रही है। ‘
बीजेपी ने सोरेन सरकार को घेरा
वरिष्ठ पत्रकार के साथ हुई इस घटना और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार की निंदा की। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोरेन सरकार को घेरते हुए कहा, ‘हेमंत सोरेन की सरकार उस पत्रकार से क्या जानना चाहती है जो केवल प्रदर्शन की कवरेज कर रहा था? सरकार पत्रकारों के काम करने से इतनी डरी हुई क्यों है?’
कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
बीजेपी ने आरोप लगाया कि जमीनीस्तर पर कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय पुलिस मीडिया और प्रदर्शनकारी छात्रों को निशाना बनाने में अपनी ताकत लगा रही है। बता दें कि आज जब जेपीएससी और जेएसएससी के अभ्यर्थियों ने पुराने विधानसभा भवन से नए विधानसभा भवन की ओर मार्च करना शुरू किया तो पुलिस ने उन्हे रोकने के लिए पहले वॉटर कैनन का प्रयोग किया।
गुस्साए छात्र उससे भी नहीं रुके और कई बैरिकेड्स को तोड़ते हुए आगे बढ़ने लगे। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी छात्रों के घायल होने की खबर है। उससे पहले पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो एम्बुलेंस से प्रदर्शन स्थल पहुंचे। तबीयत ज्यादा बिगड़ने के कारण उन्हें स्ट्रेचर पर ही मार्च में लाया गया, उन्हें देखकर छात्र भावुक हो गए थे।

















