महाकुंभ: मकर संक्रांति पर साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी, शाही की जगह अमृत स्नान का इस्तेमाल
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महाकुंभ: मकर संक्रांति पर साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी, शाही की जगह अमृत स्नान का इस्तेमाल

संगम में पवित्र डुबकी लगाने वाला पहला अखाड़ा श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी अखाड़ा था। श्री शम्भू पंचायती अटल अखाड़े ने महानिर्वाणी अखाड़े के साथ अमृत स्नान किया

Written byPanchjanyaPanchjanya
Jan 14, 2025, 11:22 pm IST
inभारत, उत्तर प्रदेश
महाकुंभ में साठ करोड़ से अधिक श्रद्धालु लगा चुके हैं डुबकी

महाकुंभ में साठ करोड़ से अधिक श्रद्धालु लगा चुके हैं डुबकी

महाकुंभ नगर, (हि.स.)। पंचाक्षरी मंत्र की अनुगूंज, मधुर भजन स्वर लहरी, हर-हर गंगे और हर-हर महादेव के जयघोष के मध्य महाकुंभ के पहले अमृत (शाही) स्नान पर अखाड़ों और नागा संन्यासियों की अवधूती शान से मंगलवार को संगम पर सनातनी आस्था का वैभव मुखर हो उठा। उमंग-उत्साह के बीच बैरागी अखाड़ों के वैराग्य का रंग और नागा संन्यासियों का आकर्षण अलग अलौकिक आध्यात्म की अनुभूति करा रहा था। यह दृश्य है संगम के घाटों का, जहां महाकुंभ का पहला अमृत स्नान मंगलवार सुबह 6.15 बजे से शुरू हुआ।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, शाम 6 बजे तक साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इस बाबत जानकारी साझा किया। हालात संभालने के लिए आर्मी को भी स्टैंड बाई पर रखा गया है। सभी 13 अखाड़ों के संत स्नान कर चुके हैं। महाकुंभ में पहली बार शाही स्नान की जगह अमृत स्नान शब्द का इस्तेमाल किया गया। अखाड़ों ने नाम बदलने का प्रस्ताव दिया था।

संगम में पवित्र डुबकी लगाने वाला पहला अखाड़ा श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी अखाड़ा था। श्री शम्भू पंचायती अटल अखाड़े ने महानिर्वाणी अखाड़े के साथ अमृत स्नान किया। महानिर्वाणी अखाड़े ने 5.15 पर शिविर से प्रस्थान किया और निश्चित समय 6.15 पर संगम घाट पहुंचा। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी अखाड़े के आचार्य रवीन्द्र पुरी जी महाराज एवं श्री महन्त यमुना पुरी जी महाराज की अगुवाई में अमृत स्नान किया। इनके साथ ही श्री शम्भू पंचायती अटल अखाड़े ने भी आचार्य सत्यम गिरी महाराज और महंन्त बलराम भारती गिरी की अगुवाई में शाही स्नान किया। सुबह 6 बजकर 15 मिनट से शुरू हुआ अखाड़ों का अमृत स्नान शाम 4.30 बजे तक जारी रहा।

अमृत स्नान में दूसरे स्थान पर श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा एवं श्री पंचायती अखाड़ा आनन्द के साधु-संतों ने पवित्र स्नान किया। तीसरे स्थान पर तीन संन्यासी अखाड़े श्री पंचदशनाम जूना एवं श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा और श्री पंचाग्नि अखाड़े ने स्नान किया। तीन बैरागी अखाड़ों में सबसे पहले अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा, अखिल भारतीय श्री पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा, अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा के महंतो और साधु संतों ने अमृत स्नान किया। तीन उदासीन अखाड़ों में श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा, इसके बाद श्री पंचायती अखाड़ा, नया उदासीन, निर्वाण के सतों ने अमृत स्नान किया। अंत में श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा के महंतों और साधु संतों ने अमृत स्नान किया। स्नान के लिए सभी 13 अखाड़ों को अलग-अलग 30-40 मिनट का समय दिया गया।

संगम नोज पर हर घंटे तीन लाख लोगों ने किया स्नान

पहले अमृत स्नान के दिन पवित्र संगम में शैव और वैष्णव मतों को मानने वाले साधु महंतों के अलावा लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई, लेकिन घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उम्मीद से ज्यादा रही। मेला प्रशासन की उम्मीद से बढ़कर श्रद्धालु महाकुंभ में पुण्य का भागी बनने आये। सर्वाधिक लोगों ने संगम नोज पर ही स्नान को प्राथमिकता दी। देर रात से ही संगम नोज पर भीड़ जुटने लगी। अनुमान के मुताबिक यहां हर घंटे तीन लाख से ज्यादा लोगों ने स्नान किया। संगम जाने वाले सभी मार्गों में 8 से 10 किमी लंबी श्रद्धालुओं की भीड़ है। दुनियाभर का मीडिया और 50 से ज्यादा देशों के श्रद्धालु संगम पर मौजूद हैं।

सुरक्षा के चाकचौबंद बंदोबस्तउत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि महाकुम्भ का आज दूसरा स्नान है। मकर संक्रांति का स्नान अमृत स्नान है। दोपहर एक बजे तक 1.75 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान कर लिया था। जनसैलाब लगातार आ ही रहा है। महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पर पुलिस की समुचित व्यवस्था की गई है। रेल ट्रैफिक की भी मॉनिटरिंग हो रही है। साथ ही साथ घाटों की व्यवस्था भी सुदृढ़ की गई है। नवीन टेक्नोलॉजी के माध्यम से देर रात से ही भीड़ नियंत्रण की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। रात में थर्मल इमेजिंग के हिसाब से क्राउड कंट्रोल किया गया तो दिन में टीथर्ड ड्रोन एवं सीसीटीवी कैमरे के विजुअल से ट्रैफिक व वाहन आदि को मॉनिटर कर रहे हैं।

दिनभर होती रही खोया पाया की घोषणा मेला प्रशाासन ने लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए महाकुंभ मेला क्षेत्र में दस अत्याधुनिक डिजिटल खोया-पाया केंद्र स्थापित किए हैं। पहले अमृत स्नान के दिन दिनभर लाउडस्पीकर से खोया पाया की घोषणा होती रही। मेला क्षेत्र में स्वयंसेवी संस्थाओं हेमवती नंदन बहुगुणा समिति एवं भारत सेवा दल द्वारा संचालित भूले भटके लोगों के लिए चलाए जा रहे केंद्रों में प्रथम अमृत स्नान के दिन कुल 308 लोगों को उनके परिवार से मिलाया गया।

महाकुंभ में तीन अमृत स्नानमहाकुंभ के दौरान कुल छह स्नान आयोजित होंगे, जिनमें से तीन स्नान अमृत (शाही) स्नान होंगे, जिन्हें अखाड़े विशेष रूप से करते हैं। पहला अमृत स्नान मकर संक्रांति के दिन हुआ, दूसरा मौनी अमावस्या पर 29 जनवरी को और तीसरा वसंत पंचमी के दिन 3 फरवरी को होगा।

Topics: सनातन धर्ममकर संक्रांतिमहाकुंभ 2025प्रयागराज महाकुंभ
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