नई दिल्ली : भारतीय मानवाधिकार पहल फॉर द मार्जिनलाइज्ड (BHIM) द्वारा 93, साउथ एवेन्यू, प्रेसिडेंट्स एस्टेट, नई दिल्ली में एक विशेष मानवाधिकार प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षाविदों, प्रोफेसरों, शिक्षकों एवं प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं ने भाग लिया।
“न्याय के लिए, समानता के लिए, बेहतर कल के लिए” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को मानवाधिकारों की समझ के साथ-साथ मानवाधिकार शिकायतों एवं याचिकाओं को संबंधित संस्थाओं के समक्ष प्रस्तुत करने की व्यावहारिक प्रक्रिया से परिचित कराना था।
दीप प्रज्वलन के बाद आयोजित हुए तीन प्रशिक्षण सत्र
कार्यक्रम का शुभारंभ हाई टी स्वागत समारोह के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन के पश्चात मानवाधिकारों से संबंधित विभिन्न विषयों पर तीन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए।
NHRC के पूर्व सहायक रजिस्ट्रार ने दी शिकायत और याचिका प्रक्रिया की जानकारी
प्रथम सत्र में श्री देबिन्द्र कुंद्रा, पूर्व सहायक रजिस्ट्रार (विधि), राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मानवाधिकार उल्लंघनों के विभिन्न वर्गीकरण तथा मानवाधिकार संबंधी याचिकाएं एवं शिकायतें दाखिल करने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। सत्र में मानवाधिकार कानून के शैक्षणिक एवं व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा की गई।

ऑनलाइन शिकायत फाइलिंग की प्रक्रिया पर दिया गया प्रशिक्षण
द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सिस्टम एनालिस्ट श्री अमित कुमार शर्मा ने मानवाधिकार शिकायतों की ऑनलाइन फाइलिंग एवं उनके प्रसंस्करण की प्रक्रिया पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करने, शिकायत के विभिन्न चरणों तथा संबंधित प्रक्रियात्मक पहलुओं की जानकारी प्रदान की गई।
डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने किया इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में डॉ. ओम प्रकाश व्यास, अध्यक्ष, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व संयुक्त रजिस्ट्रार (विधि)-प्रभारी, ने प्रतिभागियों के साथ एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र किया। इस दौरान मानवाधिकार संरक्षण, शिकायत निवारण की संस्थागत व्यवस्था तथा मानवाधिकारों के प्रभावी संरक्षण में अधिवक्ताओं एवं शिक्षाविदों की भूमिका से संबंधित विभिन्न प्रश्नों पर चर्चा की गई।
अकादमिक और विधिक क्षेत्र के पेशेवरों को मिला साझा मंच
कार्यक्रम ने अकादमिक जगत और विधिक क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां प्रतिभागियों ने मानवाधिकार संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक एवं प्रक्रियात्मक विषयों पर अपने विचार साझा किए और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
मानवाधिकार जागरूकता और न्याय तक पहुंच मजबूत करने पर जोर
BHIM ने इस अवसर पर मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, न्याय तक पहुंच को मजबूत करने तथा समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों के अधिकारों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। BHIM द्वारा भविष्य में भी विभिन्न वर्गों के पेशेवरों एवं हितधारकों के लिए ऐसे क्षमता-विकास एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
भोजन के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के लिए दोपहर के भोजन के साथ हुआ।

















