एशियन गेम्स में भारत के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है। कुराश में भारतीय खिलाड़ी पिंकी बलहारा ने कांस्य पदक अपने नाम किया है। महिला 78 किग्रा से कम भार वर्ग के सेमीफाइनल में पिंकी को दक्षिण कोरिया की सुमिन मो के खिलाफ 0-5 से हार मिली। हालांकि, सेमीफाइनल में हार के बावजूद पिंकी का कांस्य पदक पक्का था। इस तरह उन्होंने भारत की पदक तालिका में एक और मेडल जोड़ दिया। पिंकी और सुमिन मो के बीच मुकाबला काफी कड़ा रहा। मुकाबले के दौरान पिंकी को ‘डक्की’ यानी पेनल्टी मिली, जबकि सुमिन मो ने ‘योनबोश’ के जरिए अंक हासिल किए। आखिर में दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी ने 5-0 से जीत दर्ज करते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाई।
पिंकी के लिए यह पदक इसलिए भी खास है, क्योंकि एशियन गेम्स में यह उनका दूसरा मेडल है। इससे पहले उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में महिलाओं के 52 किग्रा से कम भार वर्ग में रजत पदक जीता था। यानी करीब आठ साल बाद पिंकी ने एक बार फिर एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक हासिल किया है।
क्वार्टरफाइनल में दर्ज की शानदार जीत
सेमीफाइनल तक पहुंचने से पहले पिंकी ने दक्षिण कोरिया की लिम गाराम को 3-0 से हराया था। इस मुकाबले में लिम पूरे मैच के दौरान एक भी अंक नहीं बना सकीं। पिंकी ने निर्णायक अंक ‘चाला’ के जरिए हासिल किया। कुराश में ‘चाला’ तब दिया जाता है, जब खिलाड़ी अपने प्रतिद्वंद्वी को जमीन पर गिराने में सफल रहता है, लेकिन उसे पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर पाता। पिंकी ने इसी दांव के दम पर क्वार्टरफाइनल मुकाबला अपने नाम किया और सेमीफाइनल में जगह बनाई। कुराश के नियमों के मुताबिक सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों के बीच कांस्य पदक के लिए कोई अलग मुकाबला नहीं होता। 2018 में कुराश को पहली बार एशियन गेम्स में शामिल किया गया था और उसी साल पिंकी ने रजत पदक जीता था।
















