सहारनपुर। अयोध्या धाम में श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण मिलने से जमीयत हिमायतुल इस्लाम के राष्ट्रीय अध्यक्ष कारी अबरार जमाल बहुत खुश नजर आ रहे हैं। मुस्लिम विद्वान कारी ने कहा कि उन्हें निमंत्रण स्वीकार हैं और वह अयोध्या जरूर जाएंगे। विरोध की बातें करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कारी ने ये भी कहा है कि असदुद्दीन ओवैसी और जमीयत उलेमा ए हिंद की दुकान मुसलमानों के बीच डर की दुकान चलाने से ही चलती है। इस तरह का विरोध सिवाए दोगलेपन के कुछ नहीं है।
कारी अबरार जमाल ने सहारनपुर में मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट की ओर ऑनलाइन निमंत्रण मिला है। ट्रस्ट से फोन भी आया और बताया गया कि स्पीड पोस्ट से भी निमंत्रण भेजा गया है। उन्होंने इसके लिए राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों को शुक्रिया कहा है और पूरे देश के लोगों को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह कार्यक्रम को लेकर मुबारकबाद दी है। कारी ने बताया कि वह प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में अवश्य शामिल होंगे। आखिर हम हम अयोध्या क्यों नहीं जा सकते ? इसमें क्या परेशानी की बात है? अयोध्या एक धार्मिक जगह है।
कुछ मुस्लिम संगठनों के स्तर से विरोध की बातों को लेकर कारी अबरार बोले कि देश में अमन और सलामती के लिए हमें एक दूसरे के बुलावे पर अवश्य जाना पड़ेगा। श्रीराम मंदिर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बन रहा है। जो लोग यह कहते हैं कि तमाम मुसलमान कोर्ट के फैसले पर भरोसा रखता है। तो फिर परेशानी किसी को किस बात की है। रही बात विरोध की तो ओवैसी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से आते हैं और जमीयत उलेमा ए हिंद भी मुसलमानों की सियासत करती है। इन लोगों को तो परेशानी होगी। यदि ये लोग यह कह देंगे कि आज इस सरकार में मुसलमान सुरक्षित है तो फिर इनकी छतरी के नीचे कौन जमा होगा? कारी बोले कि इन लोगों की दुकान ही सिर्फ इस डर पर चलती कि सरकार आपको काटकर खा जाएगी। सरकार आपको कच्चा चबा जाएगी। इसी आधार पर आज तक इनकी रोटी सिक रही है।
कारी अबरार जमाल ने कहा कि वर्ष 2014, 2019, 2017 और 2022 में तमाम लोगों ने दुआएं की कि मोदी प्रधानमंत्री न बनें और योगी की सरकार न आए। इसके बाद भी सरकार बनी। देश के सभी तमाम मुसलमान सुरक्षित हैं। हम आज भी अपने लिबास में घूमते हैं। सब लोगों के बीच रहते हैं, हमें तो कहीं कोई खतरा नजर नहीं आता। और जो पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर ही बना था, वहां के हालात भी देख लीजिए। पाकिस्तान में किस वक्त किस मस्जिद में धमाका हो जाए, कहा नहीं जा सकता। वहां कोई आदमी नमाज में सजदे के लिए जाए तो वह सजदे से उठेगा कि नहीं यह उसको भी खबर नहीं है। श्रीराम मंदिर का विरोध करने वालों पर सवाल उठाते हुए कारी अबरार जमाल ने कहा कि जब तमाम मुसलमान कोर्ट के फैसले पर भरोसा रखते हैं तो फिर परेशानी किस बात की है। इसके बाद भी विरोध करना दोगलेपन की बात है।













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