मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पुष्टि की है कि 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के साथ हुई बातचीत में भगोड़े जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात के बाद अनवर इब्राहिम ने बताया कि भारत और मलेशिया के बीच इस मुद्दे पर निजी बातचीत में संवाद जारी है। उन्होंने संकेत दिया कि मलेशिया भारत की चिंताओं को समझता है, लेकिन इस मामले में अपने कानूनी प्रावधानों और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेगा।
एक चैनल को दिए विशेष साक्षात्कार में शनिवार (13 सितंबर) को अनवर इब्राहिम से पूछा गया था कि क्या पीएम मोदी के साथ बैठक के दौरान जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा चर्चा में आया था? इस पर उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर निजी बातचीत में संवाद जारी है। हमने सोचा कि हमें इसे बहुत निजी रखना चाहिए, ताकि दोनों देशों के हितों की रक्षा हो सके। लेकिन निश्चित रूप से हमने इसे हमारे देशों के बीच विश्वास और संबंधों को बनाने के लिए प्राथमिकता सूची में रखा है।”
भारत में विवादित भाषणों को लेकर कार्रवाई
जाकिर नाइक अपने भड़काऊ भाषणों और विवादित बयानों के लिए जाना जाता है। वह वर्ष 2016 में भारत छोड़कर मलेशिया चला गया था। उसके खिलाफ भारत में मजहबी वैमनस्य फैलाने, भड़काऊ भाषण देने, मनी लॉन्ड्रिंग, गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े आरोपों में जांच और कानूनी कार्रवाई हुई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जाकिर नाइक के खिलाफ युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाने, नफरत भरे भाषण देने और विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने से जुड़े आरोपों में चार्जशीट दाखिल की थी। बाद में वह अदालत के समक्ष पेश नहीं हुआ और उसे भारत ने भगौड़ा घोषित कर दिया। इसके बाद से वह मलेशिया में स्थायी निवासी के रूप में रह रहा है। भारत लंबे समय से जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है। नाइक मलेशिया में रह कर वहीं से अपने भाषण एवं गतिविधियां जारी रखने को लेकर भी विवादों में रहा है।
2019 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज हुआ था
वर्ष 2019 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नाइक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज किया था और करीब 193 करोड़ रुपये के आपराधिक धन से जुड़ी चार्जशीट दाखिल की थी। ईडी ने मुंबई की एक विशेष अदालत में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अभियोजन की शिकायत दायर की और कहा था, ”नायक के भड़काऊ भाषणों और बयानों ने भारत में कई मुस्लिम युवाओं को गैरकानूनी और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाया है। उसके विचारों ने अन्य धार्मिक समुदायों के बीच सौहार्द बिगाड़ा और घृणा उत्पन्न की है।” नाइक पर भारत से विदेशों में धन भेजने और पुणे व मुंबई में अपने सगे संबंधियों के नाम से संपत्तियां खरीदने के आरोप भी हैं।
















