नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से बात की। मीडिया रिपोर्ट्स में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पीएम मोदी ने कैप्टर मच्छार के माता-पिता से फोन पर बात करते हुए उनकी बहादुरी की तारीफ की है। पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार के साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाई। उन्होंने परिवार को भरोसा दिया कि भारतीय मिशन उनकी हर संभव मदद कर रहे हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
क्या है पूरा मामला?
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को बीच हवा में इमरजेंसी की स्थिति पैदा हो गई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। इसी दौरान कॉकपिट में ओमान के मुस्लिम को-पायलट ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया और फ्लाइट में मौजूद सैकड़ों लोगों की जान बचाई।
घटना के बाद विमान ने सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग की थी। कैप्टन स्मित को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी सर्जरी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम को-पायलट को आतंकवादी या सनकी बताया है। उन्होंने भारतीय पायलट की तारीफ करते हुए मच्छार को हीरो बताया है। जब यह घटना हुई उस समय फ्लाईदुबई विमान में 180 लोग सवार थे। इस घटना के बाद दुनियाभर में भारतीय पायलट की तारीफ हो रही है।
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने कैप्टन मच्छार को बताया ‘हीरो’
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने भी कैप्टन स्मित मच्छार को हीरो’ बताया है। मंत्रालय के अनुसार, कॉकपिट में चाकू से हमला किए जाने के बाद भी भारतीय पायलट ने जवाबी प्रयास किया और गंभीर चोटों के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। घटना के दौरान विमान में मौजूद एक इजरायली यात्री यानिव हयून ने भी हमलावर को काबू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के तेजी से नीचे जाने के दौरान यात्री कॉकपिट की ओर पहुंचे और मुस्लिम हमलावर को-पायलट को पकड़कर वहां से हटाया।
















