Archive सामाजिक कार्यकर्ता के लिए कोई भी व्यक्ति गुरु नहीं होना चाहिए, अन्यथा वह ध्येयनिष्ठ न होकर व्यक्तिनिष्ठ बन जाता है। वास्तव में संगठन ही उसके लिए गुरु है। समस्त समाज ही उसका गुरु
गुजारा-भत्ता की राशि नहीं देने वाले सरकारी कर्मियों के वेतन से कटेगी राशि, पत्नी या बच्चों के बैंक खाते में होगी जमा
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच 11 करार, परमाणु ऊर्जा सहयोग पर सहमत, दी जाएगी लाल बहादुर शास्त्री हिंदी भाषा छात्रवृत्ति
अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका कोई महात्मा नहीं, CJP की राजनीतिक महात्वाकांक्षाएं जरूर होंगी : सोनम वांगचुक