जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में विजयादशमी उत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में सहभागिता करते हुए अनुशासन, संगठन एवं सामूहिकता का परिचय दिया।

विजयादशमी भारतीय संस्कृति में शक्ति, साहस, धर्म और सत्य की विजय का प्रतीक पर्व है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में इस उत्सव का विशेष महत्व है। यह अवसर स्वयंसेवकों को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों, सामाजिक समरसता तथा समाज जीवन में सकारात्मक योगदान देने के संकल्प का स्मरण कराता है।

जेएनयू परिसर में आयोजित पथ संचलन के माध्यम से स्वयंसेवकों ने अनुशासित जीवन, राष्ट्रसेवा और संगठनात्मक प्रतिबद्धता का संदेश दिया। पथ संचलन भारतीय परंपरा में सामूहिक चेतना, एकजुटता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को अभिव्यक्त करने का माध्यम है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज में राष्ट्रभाव, अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करना है। विजयादशमी का यह आयोजन इन्हीं मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर रहा।

















