भाजपा ने वामपंथी संगठन आइसा प्रमुख नेहा बोरा के ‘बांग्लादेश ने जेन-जी को रास्ता दिखाया’ वाले बयान पर मचे बवाल के बीच एक नया वीडियो जारी किया है। इसके जरिए पार्टी ने उन्हें मंच देने वाली कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। नए वीडियो में नेहा बोरा को देशद्रोह के आरोप में जेल में बंद उमर खालिद के बारे में बात करते हुए दिखाया गया है। भाजपा का दावा है कि यह वीडियो गुरुवार (15 अक्टूबर 2026) का है, जिस दिन छात्र नेता का बांग्लादेश वाला बयान सामने आया।
‘उमर खालिद को देखकर एक्टिविज्म सीखते हैं’
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने शुक्रवार (16 अक्टूबर) को यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। इसमें नेहा जेनएयू और उमर खालिद का जिक्र करते हुए कुछ छात्रों से बात करती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह कहती हैं, ”आप यह भूल गए कि जेएनयू से आते हैं उमर खालिद। वह उमर खालिद जिसको आपने जेल में छह साल से ज्यादा बंद रखा, लेकिन उस उमर खालिद ने आज भी इस जस्टिस की लड़ाई का दामन नहीं छोड़ा। हम उस उमर खालिद को देखकर एक्टिविज्म को यहां पर सीखते हैं। ये जेएनयू उस उमर खालिद का जेएनयू है। आप भूल गए कि 2016 में आपको शटडाउन जेएनयू का कैंपेन क्यों चलाना पड़ा। आपको यह कैंपेन इसलिए शुरू करना पड़ा था क्योंकि आपकी तमाम पॉलिटिकल हिंसा, नैरेटिव्स और अधिनायकवाद के खिलाफ जेएनयू में बैठे स्टूडेंट्स ने हमेशा से बैरिकेड्स खड़े किए हैं और आज भी खड़े हैं”
कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रदीप भंडारी वीडियो के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए लिखते हैं कि राहुल गांधी की पोस्टर गर्ल नेहा बोरा ने 15 अक्टूबर को जेएनयू में कहा कि उन्होंने एक्टिविज्म उमर खालिद से सीखा है, जबकि वह यूएपीए आरोपी है। उमर खालिद ने कहा था, ”भारत ने अवैध रूप से जम्मू-कश्मीर पर कब्जा कर लिया है।” वह आगे लिखते हैं, बांग्लादेश से प्रेरणा लेकर अब कांग्रेस की पोस्टर गर्ल उमर खालिद को अपना आदर्श मानती हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता परिवर्तन चाहती है। कांग्रेस अराजकता चाहती है। कांग्रेस लोकतंत्र के लिए खतरा है।
बांग्लादेश वाली टिप्पणी पर भी मचा बवाल
इससे पहले भाजपा ने नेहा बोरा का एक वीडियो क्लिप साझा किया था, जिसमें वह बांग्लादेश को भारत के जेन-जी आंदोलन को रास्ता दिखाने वाला बता रही हैं। उन्होंने कहा, ”इस देश में हर जगह जो जेन-जी आंदोलन हम देख रहे हैं, उसकी शुरुआत सबसे पहले बांग्लादेश में हुई थी। हमें रास्ता दिखाने और इस देश के युवाओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए आपको बधाई।”
प्रदीप भंडारी ने क्या दावा किया?
प्रदीप भंडारी ने दावा किया, “राहुल गांधी और उनका पूरा इकोसिस्टम सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं करना चाहता। उनका मकसद सत्ता परिवर्तन है। एक इंटरव्यू में नेहा बोरा ने कहा कि वह बांग्लादेश में जेन-जी के नेतृत्व वाले आंदोलन से प्रेरित हैं और वे भारत में भी वही दोहराना चाहते हैं जो बांग्लादेश में हुआ था।”
उन्होंने आगे कहा, “इससे साबित होता है कि राहुल गांधी का मकसद राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि उनका लक्ष्य भारत के संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करना है। यह दिखाता है कि पूरी कांग्रेस व्यवस्था का ध्यान केवल भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने और सत्ता परिवर्तन कराने पर है, ठीक वैसा ही जैसा बांग्लादेश में हुआ था। राहुल गांधी और कांग्रेस व्यवस्था भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और जो कोई भी भारतीय लोकतंत्र में विश्वास रखता है, उसे उनका विरोध करना चाहिए।”
बता दें कि नेहा बोरा ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए राहुल गांधी के नेतृत्व वाले विपक्षी इंडी गठबंधन के नेताओं के मार्च में शामिल हुईं।

















