पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’ और अवैध व जबरन धर्मांतरण के खिलाफ भी बेहद कड़े कानून लाने का ऐलान किया है। शुभेंदु अधिकारी ने यह बड़ी घोषणा कोलकाता में विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम किया है। मुख्यमंत्री ने इसके अलावा पश्चिम बंगाल में अगले छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू किये जाने के संकल्प को दोहराया हैं। पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता उत्तराखंड तथा गुजरात के मॉडलों के आधार पर लागू करने की तैयारी की जा रही है।
राज्य में समान नागरिक संहिता के मसौदे की समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री शंकर घोष के अनुसार, विधानसभा में ‘West Bengal UCC Bill, 2026’ पेश करने की विधिवत प्रक्रिया का शुरुआत किया जा चुका है। पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता कानून का मुख्य उद्देश्य विवाह, तलाक, संपत्ति के उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में सभी समुदायों के लिए समान नियम सुनिश्चित करना है।
संस्कृति और पूजा स्थलों पर की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भारतीय संस्कृति और पूजा स्थलों पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने राज्य में अगले दो वर्षों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने का भी घोषणा किया है।
गंगासागर मेला 2027 को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की घोषणा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आगामी गंगासागर मेला 2027 को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने और वहां विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराकर अब तक का सबसे भव्य और ऐतिहासिक मेला बनाया जाने का घोषणा किया है।
हनुमान चालीसा और गीता का सामूहिक पाठ
मुख्यमंत्री ने आगामी नवंबर महीने में कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में एक भव्य धार्मिक सभा का आयोजन किये जाने का घोषणा किया, जिसमें लगभग 20,000 लोग एक साथ मिलकर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसके अलावा 29 दिसंबर को भगवद गीता का पाठ का विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें, 10 लाख लोगों द्वारा सामूहिक रूप से भगवद गीता का पाठ करने की योजना है।
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तृणमूल सरकार द्वारा साधु-संतों का अपमान
शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता को ‘डिवोशनल कैपिटल’ बताते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उससे पूर्ववर्ती की सरकारों पर हिंदू धर्म, हिंदू संगठनों, देवी-देवताओं, साधु-संतों, हिन्दू परंपरा और संस्कृति को बार-बार ठेस पहुंचाने का भी आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकारों के इस प्रकार के कार्यों के कारण ही राज्य की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से उन सरकारों को सत्ता से बाहर किया है। मुख्यमंत्री ने अपने सरकार में किसी भी संत-साधु या धर्म प्रचारक का अपमान बर्दाश्त नहीं करने का अपनी सरकार का प्रतिबद्धता को दोहराया है।
















