नई दिल्ली: थाईलैंड के बैंकॉक में 28 से 30 सितंबर के बीच पंचम वैश्विक संस्कृत सम्मेलन-2026 का आयोजन हुआ। प्रतिष्ठित सिल्पाकोर्न विश्वविद्यालय में इस कार्यक्रम का आयोजन ग्लोबल संस्कृत फोरम (भारत), सिल्पाकोर्न विश्वविद्यालय के संस्कृत अध्ययन केंद्र (पुरातत्व संकाय) और थाई भारत सांस्कृतिक लॉज, बैंकॉक ने किया। इसमें
इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रसिद्ध अंकशास्त्री ज्योत्सना बंसल की शोधपरक पुस्तक ‘TarkaNumero: Numbers through the Logic of Indian Philosophy’ का लोकार्पण किया गया। ज्योत्स्ना बंसल ने बताया कि इस पुस्तक के माध्यम से अन्नम्भट्ट रचित प्रसिद्ध ग्रंथ ‘तर्कसंग्रह’ पर आधारित भारतीय दर्शन के गूढ़ सिद्धान्तों और अंकज्योतिष (Numerology) के बीच एक मौलिक व वैज्ञानिक सम्बन्ध स्थापित किया गया है। भारतीय दर्शन और अंकज्योतिष को शोध के जरिए इस प्रकार जोड़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुस्तक प्रस्तुत करने वाली वे पहली भारतीय महिला अंकशास्त्री बन गई हैं। इससे पूर्व, उनका यह प्रारम्भिक शोध केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त आदर्श शोध संस्थान ‘पूर्णप्रज्ञ संशोधन मन्दिर’ की शोध-पत्रिका Prajna में भी प्रकाशित हो चुका है।
इन हस्तियों की रही उपस्थिति
सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में थाईलैंड में भारत के राजदूत पुनीत अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, अध्यक्षता पद्मश्री प्रो. डॉ. चिरापत प्रपाण्डविद्या ने की। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. बालमुकुन्द पाण्डेय एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन प्रो. बलराम पाणी सम्मिलित हुए। इस आयोजन को सफल बनाने में संयोजक डॉ. राजेश कुमार मिश्र तथा आयोजन सचिव डॉ. वुथिफोंग थाविनसोम्बत की मुख्य भूमिका रही।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में UGC स्टिेयरिंग कमेटी (LOCF) की अध्यक्ष प्रो. सुषमा यादव, सारस्वत अतिथि प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल एवं इंडोनेशिया से आए डॉ. आई मेड धर्मसा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
वैचारिक संवाद की नई दिशा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘TarkaNumero’ का यह लोकार्पण भारतीय ज्ञान परम्परा, दर्शन और अंकज्योतिष को वैश्विक पाठक वर्ग तक पहुंचाने तथा इस क्षेत्र में शोध आधारित नए संवाद को स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।

















