देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आध्यात्मिकता का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। वर्तमान यात्रा सीजन में प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही ने नया रिकॉर्ड बनाया है। केवल नौ प्रमुख तीर्थस्थलों के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 01 अक्तूबर तक 1 करोड़ 16 लाख 34 हजार 719 से अधिक श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच चुके हैं। यह आंकड़ा प्रदेश के सभी धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का कुल आंकड़ा नहीं है। प्रदेश के अन्य मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा चारधाम यात्रा के साथ ही प्रदेश के अन्य पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को भी सुविधाओं, कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका असर यह है कि उत्तराखंड का धार्मिक पर्यटन अब केवल चारधाम तक सीमित नहीं रह गया है।
कुमाऊं से लेकर गढ़वाल और सीमांत क्षेत्रों तक अनेक धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं की आस्था के नए प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड के पौराणिक और आध्यात्मिक स्थलों से जुड़े कार्यक्रमों ने इन क्षेत्रों की धार्मिक महत्ता के साथ-साथ आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी देश-दुनिया के सामने प्रमुखता से रखा है।
चारधाम और हेमकुंड साहिब में 54.51 लाख से अधिक श्रद्धालु
01 अक्तूबर तक बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में कुल 54,51,727 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
- बदरीनाथ – 18,36,849
- केदारनाथ – 15,94,840
- गंगोत्री – 8,72,333
- यमुनोत्री – 7,87,808
- हेमकुंड साहिब – 3,59,897
“देवभूमि उत्तराखंड देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चारधाम के साथ प्रदेश के अन्य पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को भी बेहतर सुविधाओं और मजबूत कनेक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है।
इस वर्ष केवल प्रमुख धार्मिक स्थलों के उपलब्ध आंकड़ों में ही 1 करोड़ 16 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आवाजाही उत्तराखंड की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के प्रति बढ़ते आकर्षण को दर्शाती है।
धार्मिक पर्यटन का लाभ स्थानीय युवाओं, होटल-होमस्टे संचालकों, परिवहन कारोबारियों, हस्तशिल्पियों और छोटे व्यापारियों तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है”
: पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
चारधाम से बाहर भी आस्था के प्रमुख केंद्र बने आकर्षण
प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी इस वर्ष श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंची है। जागेश्वर, पूर्णागिरी, कैंची धाम और आदि कैलाश में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 61,82,992 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
- कैंची धाम – 33,71,054
- पूर्णागिरी – 24,64,305
- जागेश्वर – 2,88,380
- आदि कैलाश – 59,253
इस प्रकार इन नौ प्रमुख धार्मिक स्थलों पर ही श्रद्धालुओं की संख्या 1,16,34,719 पहुंच गई है। प्रदेश के अन्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को जोड़ने पर उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन की वास्तविक तस्वीर इससे भी व्यापक है।
आस्था के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिल रहा बल
श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही का लाभ धार्मिक पर्यटन से जुड़े स्थानीय कारोबार को भी मिल रहा है। होटल, होमस्टे, परिवहन, स्थानीय उत्पाद, पूजा सामग्री, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों के कारोबार में गतिविधियां बढ़ रही हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रहा है।

















