फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 से जुड़ी घटना के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया। इसमें दावा किया जा रहा था कि को-पायलट चीख-चीखकर ‘मैं प्लेन में बम फोड़ दूंगा’, ‘अमेरिका को मौत’, ‘ट्रंप को मौत’ और ‘अल्लाहु अकबर’ कह रहा है।
वायरल दावा क्या था
कुछ यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 पर को-पायलट ने कैप्टन को चाकू मारा और ये सब नारे लगाए। वीडियो में एक शख्स को यात्री पकड़ते हुए दिखाया गया है और वो जोर-जोर से वही बातें बोल रहा है।
असल में वीडियो किसका है
रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो के फ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर पता चला कि ये जुलाई 2025 का पुराना क्लिप है। NDTV के यूट्यूब चैनल ने 28 जुलाई 2025 को ये शॉर्ट डाला था। इसमें लंदन ल्यूटन एयरपोर्ट से ग्लासगो जा रही ईजीजेट फ्लाइट पर एक आदमी हंगामा कर रहा था।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस शख्स का नाम अभय देवदास नायक है। उम्र करीब 41 साल। वो बेंगलुरु का रहने वाला है लेकिन ल्यूटन, इंग्लैंड में रहता था। उसके परिवार ने बताया कि उसे सिजोफ्रेनिया की बीमारी है। यात्रियों ने उसे बीच में ही रोक लिया। ग्लासगो में गिरफ्तार किया गया। स्कॉटलैंड की अदालत ने उस पर प्लेन की सुरक्षा खतरे में डालने का आरोप लगाया।
अदालत में उसने कहा था कि वो ट्रंप के खिलाफ विरोध जता रहा था क्योंकि ट्रंप उस वक्त स्कॉटलैंड में थे। बम नहीं था उसके पास।

फ्लाईदुबई वाली असली घटना
30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। रास्ते में को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया। कैप्टन घायल हो गए लेकिन उन्होंने और कुछ यात्रियों ने स्थिति संभाल ली। प्लेन सऊदी अरब में लैंड कराना पड़ा।
कुछ यात्रियों ने बताया कि अंदर ‘अल्लाहु अकबर’ की आवाज सुनाई दी। एक यात्री ने कहा कि कोई क्रू मेंबर ये चिल्लाते हुए पायलट की तरफ भागा। लेकिन ‘अमेरिका को मौत’ या ‘ट्रंप को मौत’ वाले नारे सुनने की कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली।
को-पायलट के बारे में क्या पता चला
रिपोर्ट्स के अनुसार को-पायलट ओमान का नागरिक है। उसकी पहचान और मकसद अभी साफ नहीं है। फ्लाईदुबई ने भी कहा कि घटना के पीछे के कारण जांच के अधीन हैं। इजरायली अधिकारी भी यही बता रहे हैं कि जांच चल रही है।











