
नई दिल्ली: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर देशभर में दूसरे स्थान पर है। लगातार आठ बार स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर-1 रहने वाले इंदौर के लिए यह उपलब्धि है क्योंकि यह शहर सिर्फ साफ-सफाई ही नहीं बल्कि बेहतर वायु गुणवत्ता के मामले में भी देश के अग्रणी शहरों में शामिल हो गया है। इस श्रेणी में लखनऊ पहले स्थान पर रहा है।
केंद्र के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में दिल्ली ने श्रीनगर और बेंगलुरु से बेहतर रैंक हासिल की है। 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में दिल्ली 21वें स्थान पर रही, जबकि श्रीनगर 26वें और बेंगलुरु 32वें स्थान पर हैं। मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी नतीजों के मुताबिक, लखनऊ 198 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। इंदौर दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। यह रैंकिंग सिर्फ हवा की गुणवत्ता के आधार पर नहीं बनी है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने प्रदूषण रोकने की कोशिशों और उनके अमल को भी इसमें शामिल किया है।
भोपाल और आगरा संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर
इस उपलब्धि पर इंदौर की ओर से महापौर पुष्यमित्र भार्गव, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और स्वच्छता विभाग के प्रभारी अश्विनी शुक्ल ने पुरस्कार ग्रहण किया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस सम्मान का श्रेय शहरवासियों, नगर निगम की टीम और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए लगातार प्रयासों को दिया। मुंबई 160.8 अंकों के साथ 28वें, चेन्नई 147.7 अंकों के साथ 35वें और कोलकाता 142.2 अंकों के साथ 38वें स्थान पर रहा। हैदराबाद 19वें स्थान पर रहकर दिल्ली से आगे रहा। भोपाल और आगरा 192-192 अंकों के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत स्वच्छ वायु सर्वेक्षण कराया गया। इसमें सड़क की धूल रोकने, ठोस कचरा प्रबंधन, वाहनों और उद्योगों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण, निर्माण कचरा प्रबंधन और लोगों के बीच जागरूकता जैसे कामों का आकलन किया गया।