बारिश के दौरान सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश
शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बारिश अभी जारी है। इसलिए सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और बारिश के कारण नए क्षतिग्रस्त मार्गों का भी सर्वे कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन सड़कों की स्थिति खराब है, उन्हें तत्काल आवागमन योग्य बनाया जाए। बरसात समाप्त होने के बाद जरूरत के अनुसार उनका स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
पर्व-त्योहारों से पहले प्रमुख मार्गों को दुरुस्त करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों में बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होगा। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पर्वों से पहले आवश्यक मरम्मत और नवीनीकरण के कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गड्ढामुक्ति अभियान केवल पैचवर्क तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जहां सड़क तत्काल खराब स्थिति में है, वहां उसे अभी मोटरेबल बनाया जाए और बरसात समाप्त होने के बाद आवश्यकता के अनुसार स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
अतिवृष्टि और भारी वाहनों से भी क्षतिग्रस्त हुई सड़कें
बैठक में बताया गया कि अतिवृष्टि के साथ-साथ एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय मार्ग, रेलवे सहित अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
इन मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कों को चिन्हित किया जाएगा और गड्ढामुक्ति के लिए विभागवार लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।
पर्वों को देखते हुए 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित
आगामी पर्वों को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्वों के दौरान अधिक आवागमन वाले मार्ग शामिल हैं।
इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर स्थिति में रखने की तैयारी की जा रही है, ताकि पर्वों के दौरान लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो।
कई विभागों की कार्ययोजना की हुई समीक्षा
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से भी उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली। इसके साथ ही मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया, ताकि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और गड्ढामुक्ति का कार्य प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
4.36 लाख किलोमीटर सड़कों पर गड्ढामुक्ति अभियान
विभाग की ओर से प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि गड्ढामुक्ति अभियान में 9 विभागों के मार्ग शामिल हैं। इन विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं।
वर्तमान लक्ष्य के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को गड्ढामुक्त किया जाना है। इसमें अब तक करीब 5,751 किलोमीटर मार्गों पर काम पूरा किया जा चुका है।
क्षतिग्रस्त मार्गों का सर्वे पूरा होने के बाद विभागवार लक्ष्य को अंतिम रूप दिया जाएगा।
समीक्षा बैठक में ये मंत्री रहे मौजूद
बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्य मंत्री लोक निर्माण विभाग ब्रजेश सिंह, राज्य मंत्री औद्योगिक विकास विभाग जसवंत सिंह सैनी, राज्य मंत्री जल शक्ति रामकेश निषाद तथा राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विजय लक्ष्मी गौतम उपस्थित रहे।
















