बगदाद। अमेरिका और सऊदी अरब की सेना ने इराक में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) पर हमला किया है। इस फोर्सेज को ईरान का समर्थन प्राप्त है। हमले में आठ लोगों के मौत की बात सामने आ रही है। यह एकीकृत सैन्य कार्रवाई पिछले 30 दिनों में सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है। अमेरिका ने यह भी दावा किया है एकीकृत सैन्य कार्रवाई से पहले ईरान ने जॉर्डन में उसके एक बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी और सऊदी सेना के हमले के बाद इराक के उत्तरी निनवेह प्रांत और दक्षिणी बसरा प्रांत में कई स्थानों में आग लग गई। बसरा में हमला के बाद बड़ी संख्या में दमकलकर्मी पहुंचे।
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पीएमएफ ने स्वीकार किया है कि अमेरिका और सऊदी अरब के संयुक्त हमलों में पूरे इराक में उसके मुख्यालयों को निशाना बनाया गया। निनवेह में कम से कम आठ लोग मारे गए हैं और चार अन्य घायल हुए हैं। यमन के ईरान समर्थित आतंकी समूह हूती ने पीएमएफ पर हमले की निंदा की है। हूती ने अल-मसीराह टीवी पर जारी बयान में कहा कि यह इराक की संप्रभुता पर खुला हमला है। महत्वपूर्ण है कि पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज इराक का आधिकारिक सरकारी सुरक्षा बल है। इसकी स्थापना 15 जून 2014 को ईरान समर्थित शिया मिलिशिया समूहों को मिलाकर की गई थी। कहने को तो यह पीएमएफ इराकी प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय में काम करता है, लेकिन व्यावहारिक रूप से इस पर ईरान का गहरा प्रभाव माना जाता है।

















