ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक सर्राफा बाजारों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। सामान्यतः जब दुनिया में युद्ध या तनाव की स्थिति बनती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे इनकी कीमतों में तेजी आती है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में बाजार का रुख इसके उलट दिखाई दे रहा है और कीमती धातुओं के दामों में गिरावट दर्ज की जा रही है।
गुरुवार, 2 अप्रैल को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के दामों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली। बिना जीएसटी के सोना 5346 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर 145507 रुपये पर आ गया। इसी तरह चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई, जहां यह 15176 रुपये प्रति किलो टूटकर 224660 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। यह गिरावट बाजार में मौजूद निवेशकों के लिए अप्रत्याशित मानी जा रही है।
सोना-चांदी में गिरावट- इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, सोना अपने ऑल टाइम हाई 176121 रुपये प्रति 10 ग्राम से अब तक 30614 रुपये सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी भी अपने उच्चतम स्तर से 161273 रुपये तक गिर चुकी है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि हाल के समय में सर्राफा बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। विभिन्न कैरेट के सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। 23 कैरेट सोना 144924 रुपये, 22 कैरेट 133284 रुपये, 18 कैरेट 109130 रुपये और 14 कैरेट 85122 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इससे साफ है कि सभी श्रेणियों में सोने के भाव पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी अनिश्चितता ने सर्राफा बाजार को प्रभावित किया है। अजय केडिया के मुताबिक, इन कारकों के साथ-साथ वैश्विक राजनीतिक बयानबाजी भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।













