NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच इस विवाद का हल निकालने के लिए केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच दूसरे दौर की बैठक हुई। करीब 50 मिनट तक चली इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका। हालांकि, CJP का कहना है कि सरकार ने उनकी तीन में से दो मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने एक दिन का समय मांगा है। अब दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक कल दोपहर करीब 12 बजे होगी।
CJP की दो मांगों पर बनी सहमति
नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में CJP की ओर से पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए। वहीं सरकार की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बातचीत की। बैठक खत्म होने के बाद CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि सरकार ने उनकी दो मांगों पर सहमति जताने के संकेत दिए हैं। पहली मांग उन छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की थी, जिन्होंने NEET परीक्षा की तैयारी के दौरान आत्महत्या कर ली। उनके अनुसार, सरकार इस मांग पर सकारात्मक सोच रखती है। दूसरी मांग आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने की थी। CJP का कहना है कि सरकार इस मांग पर भी सकारात्मक है। अगर ऐसा होता है, तो आंदोलन में शामिल छात्रों को बड़ी राहत मिल सकती है।
हालांकि, सबसे बड़ा मुद्दा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का रहा। इस पर अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है। सौरभ दास ने साफ कहा कि उनकी पार्टी इस मांग से पीछे नहीं हटेगी। उनका कहना है कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। वहीं CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर फैसला लेने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द इस मामले में फैसला करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि मुआवजे और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग पर सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब सभी की नजर कल होने वाली तीसरे दौर की बातचीत पर है।
















