नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर राजनीतिक जुड़ाव और संगठन के संचालन से संबंधित कई आरोप और दावे सामने आए हैं। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके की राजनीतिक पृष्ठभूमि, आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं के समर्थन तथा संगठन के भीतर अलग धड़े के गठन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री के आधार पर नहीं हुई है।
CJP के राजनीतिक जुड़ाव को लेकर उठे सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के पुराने राजनीतिक जुड़ाव और राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में उनकी पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए यह आशंका जताई गई है कि संगठन पूरी तरह स्वतंत्र न होकर राजनीतिक हितों से प्रभावित हो सकता है। यह एक आरोप/आशंका के रूप में सामने आया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री में नहीं है।
AAP नेताओं के समर्थन का किया गया उल्लेख
सामग्री में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा CJP के आंदोलन के समर्थन का भी उल्लेख किया गया है। इसमें AAP नेता मनीष सिसोदिया द्वारा आंदोलन का समर्थन करने और स्वयं को भी ‘कॉकरोच’ बताए जाने का दावा किया गया है।
इसके अलावा अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP के अन्य नेताओं द्वारा आंदोलन तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों के समर्थन का उल्लेख किया गया है।
मीडिया में यह आरोप भी लगाए जाते रहे हैं कि आंदोलन के पीछे आम आदमी पार्टी की प्रेरणा या उसका आईटी सेल काम कर रहा है और इससे पार्टी को राजनीतिक लाभ पहुंचाने का उद्देश्य हो सकता है। सामग्री में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आतिशी और अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी तथा सोशल मीडिया पर आंदोलन को कथित समर्थन दिए जाने का भी उल्लेख है। इन राजनीतिक संबंधों को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए नहीं की गई है।
स्कूलों के दौरे और केजरीवाल के सोशल मीडिया पोस्ट का दावा
सामग्री के अनुसार, CJP के प्रतिनिधियों ने पंजाब के सरकारी स्कूलों का दौरा किया था। इसमें यह भी दावा किया गया है कि अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर CJP प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया का स्वागत किया। इन घटनाओं को संगठन और AAP के बीच कथित नजदीकी के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है।
CJP में फूट का दावा, अलग धड़े के गठन की बात
CJP के भीतर भी मतभेद सामने आने का दावा किया गया है। सामग्री के अनुसार मनीष ब्रह्मभट्ट ने ‘CJP-D’ नाम से अलग धड़ा बनाया और आरोप लगाया कि संगठन अपने मूल उद्देश्यों से भटककर आम आदमी पार्टी के करीब चला गया है।
ब्रह्मभट्ट ने संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पेपर लीक और छात्र आंदोलन की सफलता के बाद मूल संगठन अब ‘टीम केजरीवाल’ यानी आम आदमी पार्टी के करीब हो गया है।
जमीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने का आरोप
मनीष ब्रह्मभट्ट के अनुसार, संगठन का संचालन अब चुनिंदा लोगों और AAP से जुड़े सदस्यों के इशारे पर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को खड़ा करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं, छात्रों और सोशल मीडिया वॉलंटियर्स को दरकिनार कर दिया गया है।
ब्रह्मभट्ट के अनुसार, संगठन की 12 सदस्यीय राष्ट्रीय कोर टीम के गठन में जमीनी कार्यकर्ताओं से सलाह नहीं ली गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि CJP केवल भाजपा शासित राज्यों को निशाना बना रहा है, जबकि गैर-भाजपा शासित राज्यों से जुड़े मुद्दों पर संगठन अपेक्षाकृत चुप है। ये सभी दावे ब्रह्मभट्ट के आरोपों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
राजस्थान के स्कूल निरीक्षण को लेकर विवाद
सामग्री में राजस्थान के जयपुर जिले के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव की घटना का भी उल्लेख है। यहां ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनके कार्यकर्ताओं का ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने का दावा किया गया है।
दावे के अनुसार, विरोध के दौरान पथराव हुआ और CJP की टीम को गांव से बाहर जाना पड़ा। टीम राजकीय प्राथमिक विद्यालय की जर्जर स्थिति तथा बच्चों को पास के पशुओं के तबेले में पढ़ाए जाने की व्यवस्था का जायजा लेने पहुंची थी।
स्थानीय ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों की ओर से आरोप लगाया गया कि CJP बिना अनुमति स्कूलों में पहुंचकर माहौल खराब कर रही थी। साथ ही यह दावा किया गया कि स्कूल की मरम्मत के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहले ही फंड स्वीकृत किया जा चुका था।
स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर निर्देश
सामग्री के अनुसार, इस विवाद के बाद राजस्थान शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बिना लिखित अनुमति बाहरी लोगों के प्रवेश और वीडियोग्राफी को लेकर कड़े निर्देश जारी किए। साथ ही जर्जर स्कूल भवन को ध्वस्त कर नए आधुनिक भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू किए जाने का भी उल्लेख है।
अभिजीत दीपके के खिलाफ शिकायतों और मामलों का दावा
सामग्री में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर शिकायतों और मामलों का उल्लेख किया गया है। इन मामलों से जुड़े आरोपों को अदालत या सक्षम जांच एजेंसी द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
महाराष्ट्र के लातूर में स्कूल से जुड़ी शिकायत
दावे के अनुसार, महाराष्ट्र के लातूर में जिला परिषद उर्दू स्कूल की शिक्षिका सैयद शमशाद बानो ने अगस्त में औसा पुलिस स्टेशन में शिकायत/FIR दर्ज कराई थी। इसमें बिना अनुमति सरकारी स्कूल में प्रवेश करने, प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कामकाज में बाधा डालने, शिक्षकों को धमकाने और स्कूल की छवि धूमिल करने की कोशिश जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है।
पश्चिम बंगाल में POCSO शिकायत का उल्लेख
सामग्री में अगस्त माह में पश्चिम बंगाल में POCSO Act के तहत दर्ज एक शिकायत का भी उल्लेख है। इसमें अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह द्वारा अभिजीत दीपके और सौरव दास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का दावा किया गया है। इस आरोप की प्रकृति और मामले की वर्तमान कानूनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री से नहीं होती है।
दिल्ली में पुलिस शिकायत और मारपीट का आरोप
अगस्त में दिल्ली के संसद मार्ग थाना और पुलिस के समक्ष एक अन्य शिकायत का भी दावा किया गया है। सामग्री के अनुसार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने पुणे और औरंगाबाद में अपने साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया और दिल्ली पुलिस से अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी की मांग की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री के आधार पर नहीं की गई है।
फंडिंग और पंजीकरण को लेकर जांच की मांग
सामग्री में जंतर-मंतर के प्रदर्शन में कथित तौर पर पैसे देकर लोगों और सेलिब्रिटीज को बुलाने का दावा भी किया गया है। इसके अलावा सूरत के RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी द्वारा महाराष्ट्र सरकार, चुनाव आयोग और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के समक्ष CJP की फंडिंग, चुनाव आयोग में पंजीकरण तथा अभिजीत दीपके के परिवार की आर्थिक स्थिति और अमेरिका में हुई उच्च शिक्षा के खर्चों की जांच की मांग किए जाने का उल्लेख है।
क्या हैं इस पूरे विवाद के प्रमुख सवाल?
- CJP के राजनीतिक संबंधों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का वास्तविक आधार क्या है?
- AAP नेताओं का आंदोलन को समर्थन किस स्वरूप में रहा है?
- CJP के भीतर अलग धड़े के गठन के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं?
- स्कूल निरीक्षण से जुड़े विवादों में प्रशासन और संगठन का पक्ष क्या है?
- अभिजीत दीपके के खिलाफ दर्ज शिकायतों और मामलों की वर्तमान कानूनी स्थिति क्या है?
- CJP की फंडिंग और संगठनात्मक पंजीकरण से संबंधित जांच की मांग पर संबंधित संस्थाओं का क्या रुख है?
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी
CJP, उसके संस्थापक अभिजीत दीपके, आम आदमी पार्टी तथा अन्य संबंधित पक्षों से जुड़े ऊपर दिए गए कई दावे और आरोप अलग-अलग व्यक्तियों या सामग्री में किए गए दावों पर आधारित हैं। किसी व्यक्ति या संगठन को दोषी ठहराने से पहले संबंधित दस्तावेज, FIR, न्यायालयीन रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष देखना आवश्यक है। उपलब्ध सामग्री में इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित पक्षों का विस्तृत जवाब उपलब्ध नहीं है।












