महाराष्ट्र के नासिक में एक आईटी कंपनी से हिंदुओं का जबरन कन्वर्जन कराने और आठ महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। नासिक पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला कर्मचारियों की शिकायत दर्ज कर असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित की गई है। राज्य सरकार में मंत्री नितेश राणे ने इसे कॉर्पोरेट जिहाद करार दिया और समाज के लिए गंभीर खतरा बताया।
तसिफ, दानिश, शाहरुख कन्वर्जन का रैकेट चला रहे
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के अंदर कुछ हिंदू कर्मचारियों पर कन्वर्जन के लिए दबाव बनाया जा रहा था। ब्रेनवॉश किया जा रहा था। हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक भाषा का उपयोग किया गया। आरोप है कि कट्टरपंथी मुस्लिमों ने हिंदुओं को काम के दौरान दोपहर में नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया। इसके अलावा, आरोपियों ने एक हिंदू युवक को नॉन-वेज खाना खिलाने का भी प्रयास किया। खास बात यह है कि इसमें कंपनी के ही कर्मचारी शामिल थे। तसिफ अत्तार, दानिश, शाहरुख शेख कंपनी में कन्वर्जन का रैकेट चला रहे थे। इस घटना के सामने आने के बाद हंगामा मच गया। इसलिए लव जिहाद के बाद अब कॉर्पोरेट जिहाद को लेकर चिंता जताई जा रही है।
‘कॉर्पोरेट जिहाद पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता’
भाजपा नेता नितेश राणे ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ बताया। उन्होंने कहा कि समाज को इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। राणे के अनुसार करीब 15 पीड़ित लड़कियों ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अन्य पीड़िताओं से भी आगे आने की अपील की है। राणे ने कहा कि अगर कहीं भी इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, तो लोग सामने आएं, सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी। इसके साथ ही उन्होंने कंपनी के एचआर विभाग पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर इतनी गंभीर गतिविधियां चल रही थीं, तो आपने क्या कदम उठाए?
कोर्ट में भीड़ पर उठाए सवाल
राणे ने कहा कि जब आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, तब 600 से ज्यादा लोगों की भीड़ वहां देखी गई। उन सभी लोगों के बैकग्राउंड की जांच होनी चाहिए। यहां आतंकियों के अंतिम संस्कार के समय भी भीड़ इकट्ठा होती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब अशोक खरात का मामला सामने आया तब किसी हिंदू ने उसका समर्थन नहीं किया, लेकिन ऐसे मामलों में इतनी भीड़ क्यों जुट जाती है?
करियर के नाम पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़
आईटी क्षेत्र में चमक-दमक के पीछे छिपी यह डरावनी सच्चाई दिल दहला देने वाली है। सवाल यह है कि करियर के नाम पर युवाओं की धार्मिक भावनाओं के साथ ऐसा खिलवाड़ कब से चल रहा है? इसमें और कौन-कौन शामिल हैं, जो कन्वर्जन के रैकेट के साथ-साथ महिलाओं का शोषण कर रहे हैं? यह पता लगाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
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