मुंबई। महाराष्ट्र के नासिक में एक आईटी कंपनी में मुस्लिम टीम लीडर्स द्वारा महिलाओं के यौन उत्पीड़न और कन्वर्जन का मामला सामने आया है। महिलाओं को गौमांस खाने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। इसे कारपोरेट जिहाद भी कहा जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि नासिक आईटी कंपनी में धर्म परिवर्तन मामले की गहन छानबीन की जाएगी और आरोपितों को कठोर सजा दिलाई जाएगी। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया गया है, जांच सही दिशा में चल रही है। इन मामलों में दानिश शेख, तौसीफ अत्तर, निदा खान, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख को गिरफ्तार किया गया है।
नासिक जिले के पुलिस अधीक्षक संदीप कर्णिक ने मीडिया को बताया कि शहर में एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी के ऑफिस में 8 महिला कर्मचारियों के साथ छेड़छाड़ और एक महिला कर्मी के साथ यौन उत्पीड़न का मामला देवलाली और मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। इन मामलों में पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस आयुक्त संदीप मिटके की अध्यक्षता में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की गई है।
महिलाओं से अभद्र व्यवहार करते थे आरोपित
इस घटना की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता और संदिग्ध आरोपित 2022 से मुंबई नाका पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में चलने वाली एक मल्टीनेशनल कंपनी के ऑफिस में अलग-अलग पदों पर काम कर रहे थे। ऑफि़स में काम करते समय आरोपित महिलाओं के साथ बदतमीजी करते थे और हिंदू धर्म के खिलाफ बात करते थे। एक पीड़िता का धर्म परिवर्तन कर उसके साथ यौन शोषण भी किया गया है।
यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन का मामला दर्ज
पुलिस ने पीड़िताओं की शिकायत के आधार पर 8 छेड़छाड़ के और एक यौन उत्पीड़न, जबरन कन्वर्जन का मामला दर्ज किया है। इन मामलों में दानिश शेख, तौसीफ अत्तर, निदा खान, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक को पुणे से गिरफ्तार किया गया, जबकि बाकी पांच को नासिक शहर के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया। इन सभी मामलों की गहन छानबीन जारी है।

















