जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर से सामने आए प्रकरण में पुलिस में पदस्थ एक 36 वर्षीय महिला आरक्षक ने आरोप लगाया है कि जबलपुर के अधिवक्ता शोहरब शेख अख्तर ने स्वयं को ‘सौरभ सिंह राजपूत’ बताकर उससे दोस्ती की, शादी का भरोसा दिलाया और लंबे समय तक संबंध बनाए। महिला का आरोप है कि जब वह पांच माह की गर्भवती हुई तो आरोपी ने न केवल शादी से इनकार कर दिया, बल्कि गर्भपात कराने का दबाव भी बनाया। पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के अनुसार नवंबर 2024 में उसकी ड्यूटी जबलपुर कोर्ट में लगी थी। वहीं उसकी मुलाकात अधिवक्ता शोहरब शेख से हुई। आरोपी ने अपना परिचय सौरभ सिंह राजपूत के रूप में दिया। लगातार मुलाकातों के बाद दोनों के बीच मित्रता हुई, जो कुछ महीनों में प्रेम संबंध में बदल गई। महिला का कहना है कि उसने शुरुआत में ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह तलाकशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। इसके बावजूद आरोपी ने उसे विश्वास दिलाया कि उसे इससे कोई आपत्ति नहीं है और वह उससे विवाह करेगा।
वकील की वर्दी से जीता परिवार का भरोसा
महिला का आरोप है कि आरोपी हमेशा वकील की यूनिफॉर्म पहनकर उसके घर आता था। इससे उसके परिवार को भी उस पर पूरा भरोसा हो गया और सभी इस रिश्ते के पक्ष में थे, लेकिन इंस्टाग्राम के माध्यम से उसे पता चला कि जिसे वह अब तक सौरभ सिंह राजपूत समझ रही थी, उसका वास्तविक नाम शोहरब शेख है और वह पहले से शादीशुदा है।
विरोध करने पर मारपीट का आरोप
पीड़िता का कहना है कि जब उसने आरोपी से इस बारे में जवाब मांगा और उसके घर पहुंची तो उसके साथ मारपीट की गई। महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी ने सरकारी नौकरी में दो से अधिक बच्चों से जुड़ी संभावित कठिनाइयों का हवाला देकर उसे अपने एक बच्चे की कस्टडी छोड़ने के लिए राजी किया। बाद में उसके नाम से न्यायालय में प्रकरण दायर कराया गया और एक बच्चे की अभिरक्षा उसके पूर्व पति को दिला दी गई।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसे मस्जिद और अपने घर ले गया, जहां उससे कलमा पढ़वाया गया, रोजे रखवाए गए। इसके बावजूद आरोपी ने विवाह नहीं किया और धीरे-धीरे उससे दूरी बना ली। पीड़िता का कहना है कि वह वर्तमान में पांच माह की गर्भवती है। आरोपी बच्चे को अपना मानने से इनकार कर रहा है और गर्भपात कराने का दबाव बना रहा है। महिला ने कहा कि वह डीएनए जांच के लिए पूरी तरह तैयार है और आरोपी का भी डीएनए परीक्षण कराया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अन्य महिलाओं को भी धोखा देने का आरोप
शिकायत में महिला ने दावा किया है कि आरोपी कई अन्य महिलाओं के संपर्क में भी रहा है। उसका आरोप है कि पनागर क्षेत्र की एक महिला तथा न्यायालय से जुड़ी एक महिला अधिवक्ता और उनकी बेटी के साथ भी आरोपी ने इसी प्रकार दोस्ती कर धोखा दिया। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
हिंदू संगठनों ने की कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर धर्म सेना सहित कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पीड़िता के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। संगठनों ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जांच जारी
सिविल लाइन थाना पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी का मोबाइल फोन फिलहाल बंद बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।















