डार्क वेब पर बच्चों के पोर्न वीडियो बेचने वाले जेई राम भवन और उसकी पत्नी को दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई। बांदा जनपद न्यायालय ने मासूमों से दरिंदगी और पोर्नोग्राफी करने के मामले में पति-पत्नी को दोषी पाया। जनपद न्यायालय ने इस अपराध को दुर्लभ श्रेणी का मानते हुए राम भवन और दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई ।
30 अक्टूबर 2020 को सीबीआई के थाना एससी-3 नई दिल्ली में मामला दर्ज किया गया। उसके बाद सीबीआई के डिप्टी एसपी अमित कुमार को जांच सौंपी गई । 16 नवंबर 2020 को रामभवन को चित्रकूट के एसडीएम कालोनी से सीबीआई ने गिरफ्तार किया। 28 दिसंबर 2020 को राम भवन की पत्नी दुर्गावती को भी सीबीआई ने गिरफ्तार किया।
24 फरवरी 2021 को सीबीआई ने दोनों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई पूरी होने के बाद 20 फरवरी 2026 को राम भवन व उसकी पत्नी दुर्गावती को जनपद न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई। सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे अपराधियों को “मरते दम तक फांसी पर लटकाया जाए”
पॉक्सो कोर्ट के अधिवक्ता कमल सिंह ने बताया कि अक्टूबर 2020 में इंटरपोल की तरफ से सीबीआई को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति तीन मोबाइल नंबरों से बच्चों के डार्क वेब पर पोर्न वीडियो अपलोड कर रहा है। इन बच्चों की उम्र 7 वर्ष से लेकर 18 वर्ष की है। सीबीआई ने जब उन फोन नंबरों को ट्रेस किया तो मालूम हुआ कि ये फोन नम्बर बांदा जनपद में सिंचाई विभाग में अवर अभियंता के पद पर कार्यरत राम भवन के हैं।
सीबीआई ने पाया कि जेई राम भवन इस घिनौने कार्य में लगा हुआ था। सीबीआई ने राम भवन को गिरफ्तार किया। राम भवन के कब्जे से 34 बच्चों के वीडियो और एक पेन ड्राइव भी मिली थी जिसमें बच्चों के वीडियो और 600 से ज्यादा आपत्तिजनक फोटो थे। ये सभी बच्चे बांदा, चित्रकूट और आसपास जिलों के रहने वाले हैं।
सीबीआई ने जब आगे पड़ताल की तो पाया कि इस कारनामे में राम भवन की पत्नी भी शामिल थी। सीबीआई ने 74 गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद राम भवन और उसकी पत्नी के खिलाफ चार्ज शीट दाखिल कर दी थी। राम भवन 7 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक के आयु के बच्चों को कपड़े और मोबाइल का लालच देकर इस घिनौने काम में शामिल करता था और उसके बाद उस वीडियो को डार्क वेब पर अमेरिका ब्राजील और अफगानिस्तान समेत कई देशों को बेचता था।
राम भवन ने ऐसे अश्लील वीडियो को विश्व के 47 देशों में बेचा था। सीबीआई ने उन बच्चों को भी ढूंढा गया जो राम भवन की दरिंदगी का शिकार हुए थे। उनका इलाज बाद में दिल्ली के एम्स में कराया गया। ये सभी बच्चे गरीब परिवार के थे।
33 से ज्यादा बच्चों के साथ दरिंदगी की गई थी और उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर विदेशों में बेचे।

















