AI Summit: फ्रांस के राष्ट्रपति ने की भारत के तकनीकी समावेशन की प्रशंसा, कहा- AI युग में एकजुटता जरूरी
August 3, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

AI Summit: फ्रांस के राष्ट्रपति ने की भारत के तकनीकी समावेशन की प्रशंसा, कहा- AI युग में एकजुटता जरूरी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने विश्व में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से हो रहे विकास एवं नवान्वेषण को जिम्मेदारी पूर्ण और मानव केन्द्रित रखने पर जोर दिया।

Written byएजेंसीएजेंसी — edited by Lalit Fulara
Feb 19, 2026, 01:00 pm IST
in भारत, विज्ञान और तकनीक

नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने विश्व में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से हो रहे विकास एवं नवान्वेषण को जिम्मेदारी पूर्ण और मानव केन्द्रित रखने पर जोर दिया तथा कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में होने वाली रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में देशों की स्वतंत्रता और रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करना होगा।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने गुरुवार को एआई शिखर सम्मेलन के उद‍्घाटन समारोह में भारत के डिजिटल परावर्तन की प्रशंसा की तथा यूरोप एवं फ्रांस की भारत के साथ मिलकर एआई को वैश्विक भलाई के लिए उपयोग में लाने के विजन को सामने रखा। उन्होंने एआई और डिजिटल दुरुपयोग के खिलाफ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जतायी और कहा कि इस दिशा में विश्व के देशों को मिल कर काम करना चाहिए।

फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि एआई दुनिया को बदल रहा है
उन्होंने कहा कि नवान्वेषण को जिम्मेदारी तथा तकनीक को मानवता से जोड़ने की जरूरत है। भारत और फ्रांस इसमें मिलकर काम करेंगे। अपने भाषण का अंत उन्होंने ‘जय हो’ के वाक्य से किया। भारत मंडपम में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि एआई दुनिया को बदल रहा है। ऐसे में हमें एकजुट होने की जरूरत है और ऐसा नहीं करने से हम पीछे रह जायेंगे। उन्होंने कहा कि एक समय कहा जाता था कि प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे तो आप हार जाएंगे लेकिन आज अगर आप जुड़ेंगे नहीं तो पीछे रह जाएंगे।

मैक्रों ने कहा कि दुनिया के किसी देश और कंपनी को किसी देश को एक मार्केट और डेटा के तौर पर देखने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि एआई उत्पादकता बढ़ाने और मजदूर बाजार के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। ऐसे में एआई सबको उपलब्ध हो यह बेहद जरूरी है। एआई को भाषाई तौर पर विविध होना चाहिए ताकि सब इसका उपयोग कर सकें। भारत इंपैक्ट सम्मिट का यही उद्देश्य है कि हम इस दिशा में प्रयास करें।

एआई क्षेत्र रणनीतिक क्षेत्र के रूप में उभर रहा है
इमैनुएल मैक्रों ने अपने भाषण की शुरुआत में भारत के तकनीकी समावेशन के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि यह बदलवा एक सभ्यता की कहानी बताते हैं। भारत ने वे किया जो दुनिया के अन्य देश नहीं कर पाये। भारत ने अपनी ‘डिजिटल आइडेंटिटी’ बनाई और डिजिटल हेल्थ आईडी बनाई और पेमेंट सिस्टम बनाया जिससे लाखों लेन-देने हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एआई क्षेत्र रणनीतिक क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। फ्रांस और भारत यूरोप के साथ एआई की स्वतंत्रता पर जोर देते हैं और मानते हैं कि मॉडल, बुनियादी ढांचा और संतुलन बेहद जरूरी है।

मैक्रों ने कहा, “… ऐसे समय में जब तनाव बढ़ रहा है, हमारे सभी डिजिटल उपकरणों को इस समावेशी दृष्टिकोण की ओर निर्देशित करने की तात्कालिकता बढ़ गई है और वास्तव में, भारत में मजबूत होने के लिए, लेकिन अफ्रीकी महाद्वीप पर भी मजबूत होने के लिए। और आइए पूरी तरह से विभाजित करने के बजाय ब्रिजिंग की ओर ध्यान केंद्रित करें, नष्ट करने के बजाय बनाना, लेने के बजाय साझा करना। फ्रांस उस दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए अपनी जी-7 अध्यक्षता का उपयोग करने का इरादा रखता है। मैं जानता हूं कि भारत ब्रिक्स अध्यक्षता के माध्यम से भी ऐसा ही करेगा। कोई भी देश केवल एक बाजार के रूप में सेवा करने के लिए बाध्य नहीं है जहां विदेशी कंपनियां मॉडल बेचती हैं और नागरिकों के डेटा को डाउनलोड करती हैं। ”

उन्होंने तकनीक के युग में बच्चों के मन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर चिंता जताते हुए कहा कि हमारी जी-7 प्राथमिकताओं में से एक एआई और डिजिटल दुरुपयोग के खिलाफ बच्चों की सुरक्षा भी होगी। ऐसा कोई कारण नहीं है कि हमारे बच्चों को वास्तविक दुनिया में कानूनी रूप से वर्जित चीजों के लिए ऑनलाइन उजागर किया जाना चाहिए। हमारे प्लेटफार्मों, सरकारों और नियामकों को इंटरनेट और सोशल मीडिया को एक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। यही कारण है कि, फ्रांस में, हम 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं, और हम इस यात्रा के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसमें यूनान, स्पेन सहित कई यूरोपीय देश आज यहां मौजूद हैं।

उन्होंने इस पहल में भारत के भी शामिल होने की आशा व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे पता है, प्रधानमंत्री मोदी भी इस पहल में शामिल होंगे। यह बहुत अच्छी खबर है कि भारत बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के लिए इस तरह के दृष्टिकोण में शामिल होगा। हम यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं कि हमारे युवा नागरिक वास्तव में सुरक्षित हैं और हमें सभी के लिए इस दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए सभी इच्छुक भागीदारों के साथ जुड़ना चाहिए।”

Topics: Artificial IntelligenceFranceAI SummitMarkets and DataPresident Emmanuel Macron
एजेंसी
एजेंसी
हिंदुस्थान समाचार (प्रतिष्ठत समाचार एजेंसी) [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड को विज्ञान का हब बनाएंगे: सीएम धामी का बड़ा ऐलान, युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

Tech Tantra | क्या AI बन रहा है आतंकियों का नया हथियार? | UN Report का बड़ा खुलासा

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रां के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

G7 में बढ़ता भारत का रुतबा, दुनिया के विकसित देश भी मान रहे भारत का लोहा, समझ रहे भारत का महत्व

To The Point: Paper Leak कैसे होता है? Cyber Expert Amit Dubey ने On Camera दिखाया पूरा सिस्टम

(AI-generated image)

रामराज्य और कौटिल्य का सप्तांग मॉडल कैसे एक समृद्ध सभ्यता का निर्माण कर सकते हैं?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक

पाक-चीन की चाल पर अमेरिका ने फेरा पानी, BLA को UN आतंकी सूची में शामिल करने से किया इनकार

Load More

ताज़ा समाचार

पंजाब में प्रदूषण से खतरे में पड़ी जैव विविधता, पंछियों के शरीर पर जम रही धातुएं, अंडों के छिलके भी हो रहे कमजोर

AI generated image

पहलगाम हमले के बाद भारत का सख्त एक्शन, सिंधु जल संधि पर लिया बड़ा फैसला

6 साल बाद परंपरागत भारत-चीन सीमा से व्यापार पुनः शुरू, 20 व्यापारियों को मिली अनुमति

Jaipur Hindu fleeing

मुस्लिमों के दबाव के कारण जयपुर के हिन्दुओं ने शुरू किया पलायन, लगाए-“हिंदू पलायन कर रहा है” के पोस्टर

पुलवामा में आतंकवादियों का सहयोगी गिरफ्तार

पुलवामा में संयुक्त अभियान के दौरान ओजीडब्ल्यू गिरफ्तार, हैंड ग्रेनेड और राष्ट्रविरोधी पोस्टर बरामद

आज का मौसम

Today Weather: यूपी-बिहार समेत 17 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानिए कब और कहां बरसेंगे बादल

तस्लीमा नसरीन, प्रख्यात लेखिका

‘जिहादी फैक्ट्री बन गए हैं मदरसे’: तस्लीमा नसरीन ने इन्हें सरकारी नियंत्रण में लेने की अपील की

Indias Indegeneous terbojet engin

DRDO ने विकसित किया भारत का पहला स्वदेशी 350 किलो थ्रस्ट एक्सपेंडेबल टर्बोजेट इंजन

जंतर-मंतर पर सीजेपी के आंदोलन के दौरान मंच पर (बाएं से) सौरभ दास, अभिजीत दीपके और आशुतोष।

नैतिक अनाचार, गंभीर अपराध

प्रतीकात्मक तस्वीर

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में लंबित पुराने मामले: 9,800 करोड़ खर्च के बावजूद पेंडेंसी पर कोई असर नहीं

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies