उत्तर प्रदेश

बीमार मानसिकता के लोगों ने पूर्वी यूपी को बीमार बना दिया था : सीएम योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सिद्धार्थनगर महोत्सव का शुभारंभ करते हुए 1052 करोड़ की 229 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर में विकास के साथ सबका साथ-सबका विकास को बढ़ावा।

Published by
सुनील राय

सिद्धार्थनगर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच दिवसीय सिद्धार्थनगर महोत्सव का बुधवार को शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने 1052 करोड़ रुपये की 229 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। सीएम ने कहा कि हमने 25 करोड़ की आबादी को परिवार मानकर विकास कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। बीमार मानसिकता वाले लोगों ने इस क्षेत्र को बीमार कर दिया था, लेकिन हमने दृढ़ संकल्प से बीमारी दूर कर दी। अब हम उपद्रव से उत्सव प्रदेश की तरफ भी बढ़ चुके हैं।

शिक्षक-शिक्षिकाओं की सरस्वती वंदना और महिला उद्यमियों की सफलता

सीएम ने बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक-शिक्षिकाओं की सरस्वती वंदना को सराहते हुए कहा कि जब ऐसे संस्कार बच्चों में जाएंगे तो वे विकसित भारत की संकल्पना के वाहक बनेंगे। इस अवसर पर सरकारी योजनाओं की मदद से सफलता हासिल करने वाली दो महिला उद्यमियों ने मंच पर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी कहानी साझा की।

जनप्रतिनिधियों और प्रयासों से विकास

सीएम योगी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों, प्रयासों से जनपद में योजनाएं लागू हो रही हैं। सरकार निमित्त मात्र है, हम बिना भेदभाव पैसा दे देते हैं। हमने 25 करोड़ की आबादी को परिवार मानकर विकास के अभियान को बढ़ाया है। सीएम ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय व सपा विधायक सैयदा खातून को इस आयोजन में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया और आभार प्रकट किया।

विकास का उद्देश्य उत्साह और एकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन हताशा-निराशा के लिए नहीं, बल्कि उत्साह-उमंग और एक-दूसरे के साथ मिलकर विकास के अभियान को बढ़ाने के लिए मिला है। हर जगह काट-छांट नहीं होनी चाहिए। प्रयास अच्छी सोच के साथ प्रारंभ करें।

सतत विकास और रामराज्य की अवधारणा

सीएम योगी ने कहा कि सरकार बांटकर विकास नहीं कर सकती। अपने-पराये, जाति, मत-मजहब, क्षेत्र व भाषा के रूप में भेदभाव न हो बल्कि समग्रता, सतत विकास के भाव से कार्य हो। सतत विकास की दृष्टि से किया गया प्रयास ही रामराज्य की अवधारणा का साकार रूप है। विकास का आधार हर तबका, गांव, गरीब, किसान व युवा होना चाहिए। बिना भेदभाव हर गरीब को राशन, शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड का लाभ मिलना चाहिए।

सरकार की योजनाओं का लाभ

सरकार की योजनाएं गरीबों, महिलाओं, युवाओं व किसानों को फोकस करते हुए बनी हैं। हमने ‘सबका साथ-सबका विकास’ के आधार पर नागरिकों को गरीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया।

सिद्धार्थनगर में मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज

सीएम योगी ने कहा कि 8-10 साल पहले कोई सोचता नहीं था कि यहां भी मेडिकल कॉलेज होगा, लेकिन आज माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज का निर्माण हुआ है। यहां नर्सिंग कॉलेज भी प्रारंभ हो गया है। महिला छात्रावास का शिलान्यास किया गया है। सीएसआर फंड से एक हजार सीटों वाले ऑडिटोरियम निर्माण को भी आगे बढ़ाया है।

पूर्वी यूपी की बीमारी और पलायन

सिद्धार्थनगर आकांक्षी जनपद इसलिए था, क्योंकि यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर, विकास नहीं, बल्कि बीमारी से पलायन था। बीमार मानसिकता वाले लोगों ने ही पूर्वी यूपी को बीमार बना दिया था और इसे मच्छर-माफिया के आगोश में ला दिया था। गरीब, दलित, अल्पसंख्यक, अतिपिछड़ी जाति के बच्चे इंसेफेलाइटिस से दम तोड़ते थे। ये बच्चे हमारे लिए कोई जाति नहीं, बल्कि यूपी की अमानत थे।

इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन

पीएम मोदी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने 2017 में संकल्प लिया कि एक भी बच्चा इंसेफेलाइटिस की चपेट में नहीं आएगा। डबल इंजन सरकार प्राणप्रण से लगी तो दशकों की बीमारी कुछ ही समय में समाप्त हो गई। आज कोई बच्चा इस बीमारी से दम नहीं तोड़ता। यह हमारे लिए वोटबैंक नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा है।

कनेक्टिविटी और निवेश

सीएम योगी ने कहा कि पिपरहवा से 125 वर्ष पहले भगवान बुद्ध के अवशेष इंग्लैंड पहुंचा दिए गए थे। ताइवान में नीलामी हो रही थी। सांसद ने प्रयास किया, हमने पत्र लिखा। अब सरकार कपिलवस्तु में विपश्यना केंद्र बना रही है। वहां डारमेट्री व अन्य विकास कार्य हो रहे हैं। सिद्धार्थनगर से सटा नेपाल हमारा मित्र राष्ट्र है। हमारी कनेक्टिविटी उबड़-खाबड़ थी, लेकिन हमने इंटरस्टेट व इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को फोरलेन में बदला।

गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर

गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर जनपद के तीन विधानसभा क्षेत्रों (इटवा, डुमरियागंज व बांसी) को टच करते हुए विकास का कॉरिडोर बनने जा रहा है।

महोत्सव का थीम सांग और बुद्धिमत्ता

सीएम ने महोत्सव का थीम सांग ‘बुद्धम शरणं गच्छामि’ का जिक्र किया और कहा कि धर्म की शरण में जाने के लिए बुद्धि व विवेक चाहिए। शक्ति असुरों के हाथ में आएगी तो विध्वंस होगा और देवों में आएगी तो सकारात्मक ऊर्जा से लोगों के जीवन में परिवर्तन का कारण बनेगी।

सरकार का दायित्व और जनता की शक्ति

डबल इंजन सरकार भी आपके जीवन में यही कर रही है। किसी सरकार द्वारा किए जाने वाला कार्य कृपा नहीं, बल्कि दायित्व-कर्तव्य है। जनता ने जो शक्ति दी है, उसका उपयोग जनता-जनार्दन के हित में बिना भेदभाव करना होगा। नीयत अच्छी होती है तो नियंता भी सहयोग करता है।

Share
Published by
सुनील राय